Skip to content
-
Subscribe to our newsletter & never miss our best posts. Subscribe Now!
  • https://www.facebook.com/
  • https://twitter.com/
  • https://t.me/
  • https://www.instagram.com/
  • https://youtube.com/

तेज़, सटीक और निष्पक्ष खबरें

तेज़, सटीक और निष्पक्ष खबरें

  • प्रदेश
  • देश-दुनिया
  • राजनीति
  • बिज़नेस
  • खेल
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • मनोरंजन
  • टेक
  • प्रदेश
  • देश-दुनिया
  • राजनीति
  • बिज़नेस
  • खेल
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • मनोरंजन
  • टेक
Subscribe
Close

Search

ब्रेकिंग न्यूज़

“REEL” बनाकर बनी IAS फिर रील वाली दोस्तों से ही ठग लिए 6 लाख ! MP की युवती बनी फर्जी “IAS”

By Riya Lodhi
September 10, 2026

“रील” वाली आईएएस से स्कैमर तक: दोस्तों से ₹6 लाख ठगे! एमपी की महिला ने नकली आईएएस को दिया धोखा
विधानसभा में रील बनाकर वह “आईएएस अधिकारी” बनी थीं; अब वह जेल में है और उसके भाई को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। मध्य प्रदेश के भोपाल में नकली आईएएस अधिकारी तृप्ति सिंह का धोखाधड़ी का नेटवर्क सामने आ रहा है। तृप्ति सिंह के साथ दिखने वाली दो युवतियों-जिन्होंने क्षेत्र में रील में खुद को आईएएस अधिकारी के रूप में पेश किया गया था-ने अब उस पर सरकारी नौकरी और आईएएस अधिकारी के कार्यालय में ₹3-3 लाख ठगने का आरोप लगाया है; जबकि मौजूद महिलाओं के साथ एक ने उन्हें अपना “सीनियर” बताया है। जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, सवाल उठा: यह महिला कौन है और उसे किस क्षेत्र में प्रवेश मिला है? जांच में कहानी का बिल्कुल अलग पहलू सामने आया।

पूरी कहानी क्या है?

राजधानी भोपाल की रहने वाली तृप्ति सिंह पिछले कुछ महीनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थीं; वह क्षेत्र के अंदर दो युवतियों के साथ रील बना रही हैं और खुद को आईएएस अधिकारी बता रही हैं। वीडियो में महिलाओं से एक ने उन्हें “सीनियर” भी कहा। तो कभी-कभी मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग में छात्रावास संचालक या अन्य सरकारी पर्यवेक्षी अधिकारी का दावा होता है। चंदेरी से शुरू हुई क्या कहानी? सबसे पहले, उन्होंने चंदेरी (अशोकनगर) में नौकरी दिलाने वाली चार युवतियों से ₹9.80 लाख की धोखाधड़ी की; फिर, भोपाल में होटल/रेस्तरां लीज और नौकरी का वादा लेकर ₹39.17 लाख ठगे। इसके बाद फिर से भोपाल में तृप्ति ने होटल लीज डील के नाम पर लोगों से ₹50 लाख की धोखाधड़ी की। साथ ही, उसने दो युवतियों—जिनके साथ उसने सोशल मीडिया रील्स बनाईं—से ₹6 लाख ठगे। कुल मिलाकर, ड्रामा की कीमत ₹1 करोड़ से अधिक है। लोगों के भरोसे के लिए इस नकली पहचान का इस्तेमाल किया गया। उस पर दो खास तरह की प्लास्टिक प्लास्टिक बनाने का आरोप है: सरकारी नौकरी या पर्वतारोहण की तैयारी कर रहे युवा, और होटल या रिसॉर्ट्स जैसी सरकारी कंपनियों को लीज पर लेने के इच्छुक लोग। इससे अलग-अलग पार्टियों में शामिल बड़ी नकदी का कारण समझ आता है।

कहानी चंदेरी से शुरू होती है

तृप्ति सिंह के खिलाफ पहला बड़ा मामला चंदेरी, अशोकनगर जिले में सामने आया था, जहां उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकारी नौकरी का वादा किया गया है। तृप्ति ने कथित तौर पर मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग में आवासीय भवन होने का दावा किया था। उनके भाई सुधांशु सिंह पर भी इस चंचल पहचान को प्राथमिकता देने में मदद करने का आरोप है। चंदेरी वाले मामले में, उन्होंने कथित तौर पर नौकरी के कारखाने में चार बच्चों से कुल ₹9.80 लाख वसूले। इसके बाद तृप्ति की कथित पहचान की जांच शुरू हुई, जिसमें पता चला कि जिस महिला को उच्च सरकारी अधिकारी नियुक्त किया गया था, वह असल में आईएएस अधिकारी नहीं थी। नतीजा, पुलिस ने तृप्ति और उसके भाई सुधांशु सिंह को गिरफ्तार कर लिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों को चंदेरी में गिरफ्तार किया गया और बाद में पूछताछ के लिए भोपाल लाया गया।

भाई की भूमिका की भी जांच! इस मामले के एक अहम अधिकारी तृप्ति के भाई सुधांशु सिंह की भूमिका है। पुलिस के सामने आए आरोप के मुताबिक, भाई ने भी तृप्ति के सरकारी अधिकारी पर आरोप लगाते हुए विश्वसनीय भूमिका निभाने का आरोप लगाया था। कुछ रिपोर्टों से पता चलता है कि वह खुद केंद्र सरकार के मानव संसाधन विभाग से जुड़े अधिकारी के बारे में बताते हैं। यह ध्यान रखना है कि इस मामले में लोगों की भूमिका क्या शामिल है, यह साक्ष्य पेश करने और सुनने के बाद अदालत में ही पक्के तौर पर तय हो गया; अभी के लिए, ये सिर्फ पुलिस की पूछताछ और जांच से जुड़े आरोप सामने आए हैं।

विधानसभा का रील वायरल

वीडियो में तृप्ति दो युवतियों के साथ दिख रही हैं। बातचीत के दौरान, उन्हें एक अधिकारी द्वारा स्पष्ट रूप से दिखाया गया है; एक संस्था उन्हें अपनी “सीनियर” की कहानी बताती दिख रही है। जब वीडियो…

विधानसभा में रील बनाकर बनी थी IAS अब खुद जेल में , भाई भी गिरफ्तार भोपाल मध्य प्रदेश में फर्जी IAS तृप्ति सिंह का ठगी का नेटवर्क एक एक करके खुल रहा है विधानसभा परिसर में रील बनाकर खुद को IAS बताने वाली तृप्ति सिंह पर अब रील में दिखी 2 युवतियों ने भी आरोप लगाया है की उनसे नौकरी और IAS बनाने के नाम पर 3-3 लाख रूपये ठगे गये यानि कुल 6 लाख रूपये की नई ठगी इसके साथ ही तृप्ति पर अब तक 5 मामले हो गये है | इस पूरे मामले को सबसे ज्यादा चर्चा तब मिली, जब तृप्ति का एक वीडियो सामने आया जिसमें वह मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में दो युवतियों के साथ दिखाई दे रही थी। वीडियो में तृप्ति खुद को अधिकारी के रूप में पेश करती नजर आई और साथ मौजूद युवती उसे अपनी “सीनियर” बताती दिखाई दी। वीडियो वायरल हुआ तो सवाल उठा कि आखिर यह महिला कौन है और उसे विधानसभा परिसर तक पहुंच कैसे मिली? जांच शुरू हुई तो कहानी का दूसरा ही चेहरा सामने आया।

पूरा मामला क्या है ?

राजधानी भोपाल की प्रिप्ती सिंह पिछले कुछ महीनो से सोशल मीडिया पर वायरल थी वो विधानसभा परिसर में 2 युवतियो के साथ रील बनाकर खुद को IAS बता रही थी विडियो में एक युवती उसे सीनियर भी कह रही थी विडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने जाँच की शुरूआत की तभी पता चलता है की तृप्ति असली IAS नही है अब जांच में बड़ा खुलासा हुआ रील में साथ दिखी बैतूल की विशाखा तिरकम और ख्याति ढोलपुर पुलिस के पास पहुची दोनों ने कहा – तृप्ति ने हमे IAS अफसर बनाने और सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 3-3 लाख रूपये ले लिए |पुलिस में दर्ज शिकायतों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, तृप्ति पर आरोप है कि उसने अपनी पहचान एक बड़े सरकारी अधिकारी के रूप में बनाई। कहीं वह खुद को ट्रेनी IAS, कहीं मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की एडिशनल डायरेक्टर, तो कहीं दूसरे सरकारी पदों से जुड़ा अधिकारी बताती थी।

कहानी की शुरुआत चंदेरी से

तृप्ति सिंह के खिलाफ सामने आया पहला बड़ा मामला अशोकनगर जिले के चंदेरी से जुड़ा है।, शिकायतकर्ताओं को सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया। आरोप है कि तृप्ति ने खुद को मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की एडिशनल डायरेक्टर बताया। उसके भाई सुधांशु सिंह पर भी कथित तौर पर उसकी इस पहचान को मजबूत करने में मदद करने का आरोप है।चंदेरी मामले में चार युवाओं से नौकरी दिलाने के नाम पर कुल ₹9.80 लाख लेने का आरोप सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रत्येक उम्मीदवार से लगभग तीन लाख रुपये के आसपास रकम मांगी गई थी और इसके बदले सरकारी नौकरी का भरोसा दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने तृप्ति और उसके भाई सुधांशु सिंह को गिरफ्तार किया। रिपोर्टों के अनुसार दोनों को चंदेरी से गिरफ्तार किया गया था और बाद में पूछताछ के दौरान पुलिस उन्हें भोपाल भी लेकर आई।

भाई की भूमिका भी जांच !

इस मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू तृप्ति के भाई सुधांशु सिंह की भूमिका है।पुलिस के सामने आए आरोपों के मुताबिक, भाई ने भी लोगों के सामने तृप्ति की कथित सरकारी पहचान को विश्वसनीय बनाने में भूमिका निभाई। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि वह खुद को केंद्र सरकार के मानव संसाधन विभाग से जुड़ा अधिकारी बताता था।यहां यह समझना जरूरी है कि किस व्यक्ति ने किस मामले में क्या भूमिका निभाई, यह अंतिम रूप से अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के बाद ही तय होगा। अभी ये पुलिस शिकायतों और जांच में सामने आए आरोप हैं।

फिर वायरल हुई विधानसभा की रील

वीडियो में तृप्ति दो युवतियों के साथ नजर आती है। बातचीत के दौरान उसे अधिकारी की तरह प्रस्तुत किया जाता है। एक युवती उसे अपनी “सीनियर” बताती दिखाई देती है। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो लोगों ने सवाल उठाया कि अगर तृप्ति IAS नहीं है तो वह विधानसभा परिसर में इस तरह अधिकारी वाली छवि में कैसे पहुंची? रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने वीडियो की जांच शुरू की। इसके बाद कहानी ने एक और मोड़ लिया। वायरल वीडियो में दिखाई दे रही दोनों युवतियां विशाखा तिरकम और ख्याति ढोलपुरे—खुद पुलिस के सामने पहुंचीं।

तृप्ति अभी कहां है?

तृप्ति सिंह को चंदेरी पुलिस ने गिरफ्तार किया था और वह अशोकनगर जेल में बंद थी। बाद में भोपाल पुलिस ने उसे प्रोडक्शन वारंट पर लाने की कार्रवाई की, ताकि बागसेवनिया में दर्ज मामलों में उससे पूछताछ की जा सके। उसके भाई सुधांशु सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है।, बागसेवनिया पुलिस ने पूछताछ के लिए रिमांड भी लिया था। इस पूछताछ में पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि: क्या सामने आए मामले ही पूरे हैं या इसके पीछे और भी पीड़ित तथा रकम मौजूद है?

Author

Riya Lodhi

Follow Me
Other Articles
2 करोड़ की ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल! 27 करोड़ के पार पहुंची फिल्म, जानिए कैसे बनी साल की सबसे बड़ी सरप्राइज हिट
Previous

2 करोड़ कि ‘हनुमान अंश’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल ! 27 करोड़ पार क्र गई फिल्म

Next

“MP में बड़ा तोहफा 50 लाख से ज्यादा ग्रामीण जमीनों की होगी फ्री रजिस्ट्री, सीएम मोहन यादव का ऐलान – 17 सितंबर से शुरू होगा ‘सेवा-संकल्प’ अभियान”

No Comment! Be the first one.

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

October 2026
M T W T F S S
 1234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293031  
« Sep    
Chat on WhatsApp

तेज़ , सटीक और निष्पक्ष ख़बरें

Quick Links

  • प्रदेश
  • देश-दुनिया
  • राजनीति
  • बिज़नेस
  • खेल
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • मनोरंजन
  • टेक

Our Policies

  • Privacy Policy
  • Terms & Conditions
  • Disclaimer
  • Cookie Policy
  • Editorial Policy
  • Fact Check Policy
  • Correction Policy

Our Company

Support@citynews24x7.com
+91-90399-25050
Ward No. 4 Sanchi Road Raisen
Madhya Pradesh 464551
India
  • Facebook
  • Instagram
  • X
  • YouTube
© 2026 CityNews24x7. All Rights Reserved. Designed & Managed by Orenexa Group