सीएम योगी की दिल्ली में धमक, पीएम मोदी से डेढ़ घंटे की गुप्त बैठक, 24 घंटे में दो बड़ी मुलाकातें, 2027 का रोडमैप तय
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को अचानक दिल्ली पहुंचे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से करीब डेढ़ घंटे तक बंद कमरे में मुलाकात की। ये मुलाकात प्रधानमंत्री आवास 7 लोक कल्याण मार्ग पर हुई। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में 2027 के विधानसभा चुनाव, संगठन में बदलाव, मंत्रिमंडल विस्तार और राज्यसभा-MLC चुनाव की रणनीति पर लंबी चर्चा हुई। दिलचस्प बात ये है कि 24 घंटे के अंदर ये योगी की दूसरी बड़ी मुलाकात है। बुधवार रात को भी वो दिल्ली में थे और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिले थे।
दिल्ली में योगी के पहुंचते ही सियासी गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया। क्या यूपी में मंत्रिमंडल बदलेगा? क्या संगठन में बड़े फेरबदल होंगे? क्या राज्यसभा और MLC चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नाम फाइनल हो गए? हर कोई इन्हीं सवालों के जवाब ढूंढ रहा था।
पीएम मोदी और सीएम योगी की ये मुलाकात लगभग डेढ़ घंटे चली। दोनों के बीच वन टू वन बात हुई। बैठक में बीजेपी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री भी मौजूद थे। सूत्रों का कहना है कि पीएम ने सबसे पहले 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों पर बात की। 2024 में यूपी में बीजेपी को 80 में से सिर्फ 33 सीटें मिली थीं। सपा ने 37 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया था। पीएम ने कहा कि 2027 में ऐसी गलती नहीं होनी चाहिए। बूथ स्तर तक काम करना होगा। हर जिले में समीक्षा करनी होगी। इसके बाद बात 2027 के विधानसभा चुनाव पर आई। योगी ने पीएम को बताया कि सरकार की योजनाएं जमीन तक पहुंच रही हैं। एक्सप्रेसवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, कानून व्यवस्था सब पटरी पर है। लेकिन विपक्ष पीडीए का नारा देकर पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यकों को एकजुट कर रहा है। इसको तोड़ने के लिए नई रणनीति बनानी होगी। पीएम ने कहा कि विकास के साथ-साथ हिन्दुत्व और सुशासन का डबल इंजन मॉडल ही बीजेपी की ताकत है। उसी को और धार देना है।
बैठक का सबसे अहम हिस्सा राज्यसभा और MLC चुनाव था। अक्टूबर में राज्यसभा की 10 और विधान परिषद की 11 सीटों पर चुनाव होने हैं। कुल 21 सीटें हैं। बीजेपी इसे 2027 का सेमीफाइनल मान रही है। पीएम ने योगी से कहा कि इन 21 सीटों में से ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतनी हैं। इसके लिए विधायकों से सीधा संवाद करो। क्रॉस वोटिंग रोकनी है। सहयोगी दलों RLD और अपना दल को भी साथ लेकर चलना है। योगी ने कहा कि उम्मीदवारों की लिस्ट लगभग तैयार है। केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिलते ही नाम घोषित कर दिए जाएंगे। मंत्रिमंडल विस्तार का मुद्दा भी टेबल पर आया। यूपी सरकार में कई पद खाली हैं। कुछ मंत्रियों के काम से आलाकमान खुश नहीं है। सूत्रों का कहना है कि पीएम ने कहा कि 2027 से पहले सरकार की छवि और बेहतर करनी है। जो मंत्री काम नहीं कर रहे उन्हें बदला जाए। नए चेहरों को मौका दिया जाए। खासकर पश्चिमी यूपी, बुंदेलखंड और पूर्वांचल से नए प्रतिनिधियों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है। योगी ने कहा कि वो 15 दिन में एक प्रस्ताव बनाकर भेजेंगे।
संगठन में बदलाव पर भी चर्चा हुई। कई जिलों में जिलाध्यक्ष बदले जाने हैं। कुछ मोर्चों में नए अध्यक्ष आएंगे। बूथ समितियों को मजबूत करना है। पीएम ने कहा कि 2024 में बूथ लेवल पर कमजोरी दिखी थी। 2027 में हर बूथ पर 10 कार्यकर्ताओं की टीम होनी चाहिए। योगी ने भरोसा दिलाया कि मिशन 2027 की तैयारी शुरू हो गई है। पीएम मोदी से मुलाकात के बाद सीएम योगी सीधे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने पहुंचे। ये मुलाकात लगभग 45 मिनट चली। यहां संगठन और चुनावी रणनीति पर बात हुई। अध्यक्ष ने कहा कि राज्यसभा और MLC चुनाव के लिए अभी से कमर कस लो। हर विधायक से मिलो। विपक्ष सेंध लगाने की कोशिश करेगा। योगी ने कहा कि हम तैयार हैं। दिल्ली दौरे के दौरान योगी ने गृह मंत्री से भी 15 मिनट की मुलाकात की। इसमें कानून व्यवस्था और सीमा से लगते जिलों की सुरक्षा पर बात हुई। नेपाल बॉर्डर से ड्रग्स और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए केंद्र से मदद मांगी गई। 24 घंटे में दो बड़ी मुलाकातों के बाद साफ है कि बीजेपी 2027 को लेकर गंभीर है। 2024 की हार के बाद पार्टी कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। योगी सरकार को भी संदेश मिल गया है कि परफॉर्मेंस से समझौता नहीं होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ये मुलाकातें सिर्फ औपचारिकता नहीं थीं। इसमें 2027 की पूरी ब्लूप्रिंट तैयार हुई है। कौन मंत्री रहेगा, कौन जाएगा। किस जिले में किसको जिम्मेदारी मिलेगी। राज्यसभा के लिए कौन जाएगा। MLC में किस वर्ग को प्रतिनिधित्व मिलेगा। सब कुछ तय हुआ है। लखनऊ लौटते ही योगी ने देर रात अपने आवास पर कोर कमेटी की बैठक बुलाई। इसमें दोनों डिप्टी सीएम, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन के पदाधिकारी मौजूद थे। दिल्ली की बैठक में जो बातें हुईं उन्हें सबको बताया गया। सपा ने इस मुलाकात पर तंज कसा। अखिलेश यादव ने कहा कि दिल्ली से आदेश लेने गए हैं। बीजेपी को पता है कि 2027 में जनता उन्हें हरा देगी इसलिए अब दिल्ली के सहारे चल रही है। वहीं बीजेपी ने पलटवार करते हुए कहा कि सपा बौखला गई है। योगी जी पीएम के मार्गदर्शन में यूपी को नंबर वन बना रहे हैं।
अब सबकी नजर अक्टूबर के राज्यसभा-MLC चुनाव पर है। और उसके बाद मंत्रिमंडल विस्तार पर। सूत्रों का कहना है कि नवरात्रि के बाद बड़ा फेरबदल हो सकता है। कुल मिलाकर दिल्ली में हुई डेढ़ घंटे की बैठक ने यूपी की राजनीति की दिशा तय कर दी है। अब गेंद योगी सरकार के पाले में है। 2027 जीतना है तो हर मोर्चे पर बेहतर करना होगा। पीएम ने भी यही संदेश दिया है – सेवा, सुशासन और संगठन।