जेहर बेच रहे थे! मदसौर की फैक्ट्री में बन रहा था नकली घी और दुध, यूरिया और पाम आयल से तैयार माल दुकानों पर सप्लाई
मंदसौर। त्योहारों से पहले मंदसौर जिले की सुवासरा पुलिस ने मिलावटखोरों पर बड़ी कार्रवाई की है। रविवार रात ग्राम खेजड़िया भूप में चल रही एक अवैध फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया। यहां यूरिया, पाम ऑयल और मिल्क पाउडर से नकली दूध और घी बनाया जा रहा था। पुलिस को मौके से करीब 96 किलो नकली घी, 85 कट्टे मिल्क पाउडर और 6 कट्टे यूरिया मिला है। हैरान करने वाली बात ये है कि आरोपी पिछले डेढ़ साल से ये जहर आसपास की दुकानों पर थोक में सप्लाई कर रहे थे।
कैसे हुआ खुलासा, रात में मारा छापा
सुवासरा पुलिस को कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि खेजड़िया भूप गांव में एक घर में देर रात तक लाइट जलती है और अजीब सी बदबू आती है। लोगों को शक था कि यहां कुछ गड़बड़ चल रही है। मुखबिर की सूचना पर रविवार रात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गरोठ रामसनेही मिश्रा और एसडीओपी विजय कुमार यादव के नेतृत्व में टीम ने दबिश दी। पुलिस टीम जैसे ही अंदर पहुंची, फैक्ट्री में काम कर रहे दो लोग भागने लगे। अंधेरे का फायदा उठाकर फैक्ट्री मालिक पीरूसिंह और रामसिंह मौके से फरार हो गए। अंदर का नजारा देखकर पुलिस भी दंग रह गई। एक कमरे में गैस भट्ठी जल रही थी। दूसरी तरफ बड़े-बड़े ड्रम और मिक्सर मशीन रखी थीं। फर्श पर दूध और केमिकल बिखरा पड़ा था। तुरंत फूड इंस्पेक्टर को बुलाया गया और सभी सामान के सैंपल सील किए गए।
फैक्ट्री में क्या-क्या मिला, पूरा हिसाब
पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में मिलावटी सामान और उपकरण जब्त किए हैं। जब्ती लिस्ट देखकर ही पता चलता है कि कितने बड़े स्तर पर ये कारोबार चल रहा था।
मौके से 6 केन नकली घी मिला। हर केन में करीब 16 किलो घी था। यानी कुल 96 किलो नकली घी। इसके अलावा 85 कट्टे मिल्क पाउडर, 7 टीन पाम ऑयल, 6 कट्टे यूरिया बरामद हुआ। उपकरणों में 120 खाली टीन, 4 बड़े ड्रम, 2 इलेक्ट्रॉनिक मिक्सर मशीन, 2 गैस भट्ठी, 2 इंडेन सिलेंडर और एक इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा मिला। पुलिस का कहना है कि ये सभी सामान मिलावट के लिए इस्तेमाल किया जाता था। यूरिया से दूध गाढ़ा किया जाता था और पाम ऑयल से घी जैसी महक और चिकनाहट लाई जाती थी।
डेढ़ साल से चल रहा था काला कारोबार
पूछताछ और गांव वालों से मिली जानकारी के मुताबिक फैक्ट्री मालिक पीरूसिंह और रामसिंह पेशे से किसान थे। साथ में डेयरी का काम भी करते थे। करीब डेढ़ साल पहले उन्होंने असली दूध-घी के साथ-साथ नकली माल बनाना शुरू कर दिया। गांव वाले बताते हैं कि रात 12 बजे के बाद यहां मशीनों की आवाज आती थी। ट्रैक्टर से सामान आता-जाता था। लेकिन किसी को शक नहीं हुआ क्योंकि दोनों की इज्जत गांव में थी। पुलिस का अनुमान है कि अब तक सैकड़ों क्विंटल नकली घी और दूध बाजार में बेचा जा चुका है।
कैसे बेचते थे नकली घी,खुलासा
सबसे खतरनाक बात ये है कि आरोपी इस नकली घी को किसी ब्रांड के नाम से नहीं बेचते थे। वो सीधे सुवासरा, गरोठ और आसपास के कस्बों की किराना दुकानों पर जाते थे। दुकानदारों को कम दाम में थोक में घी दे देते थे। दुकानदार इसे “खुला घी” बताकर ग्राहकों को बेच देते थे। त्योहारों के समय डिमांड ज्यादा होने पर इसकी खपत और बढ़ जाती थी। एक दुकानदार ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि “वो लोग कहते थे कि ये देसी गाय का घी है। रेट भी असली से आधा था। इसलिए हम ले लेते थे।”
यूरिया और पाम ऑयल से कैसे बनता है नकली घी
फूड एक्सपर्ट के मुताबिक नकली घी बनाने का तरीका बेहद खतरनाक है। पहले मिल्क पाउडर को पानी में घोलकर दूध जैसा तरल बनाया जाता है। इसमें यूरिया मिलाया जाता है ताकि दूध गाढ़ा लगे और प्रोटीन टेस्ट में पास हो जाए। इसके बाद इसमें पाम ऑयल, वनस्पति घी और सिंथेटिक फ्लेवर मिलाकर उसे घी का रूप दिया जाता है। गैस भट्ठी पर गर्म करके उसमें घी जैसी महक डाली जाती है। डॉक्टरों का कहना है कि यूरिया वाला दूध-घी खाने से किडनी फेल, कैंसर और पेट की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। पाम ऑयल हृदय रोग का कारण बनता है।
पुलिस कार्रवाई, BNS की धाराओं में केस दर्ज
सुवासरा पुलिस ने फरार आरोपियों पीरूसिंह और रामसिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 272, 274 और 275 के तहत मामला दर्ज किया है। ये धाराएं खाने-पीने की चीजों में मिलावट और उसे बेचने से जुड़ी हैं। एएसपी रामसनेही मिश्रा ने कहा कि आरोपियों की तलाश में 3 टीमें बनाई गई हैं। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही उन दुकानों की भी लिस्ट बनाई जा रही है जहां ये माल सप्लाई होता था। उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
प्रशासन का बयान, सैंपल जांच के लिए भेजे, गांव में हड़कंप, लोगों में गुस्सा
एसडीओपी विजय कुमार यादव ने बताया कि मौके से लिए गए सभी सैंपल लैब जांच के लिए भोपाल भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद और धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
कलेक्टर ने भी निर्देश दिए हैं कि जिले भर में डेयरी और मिठाई की दुकानों पर औचक जांच की जाए। खाद्य विभाग की टीम लगातार छापेमारी कर रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वो ब्रांडेड और भरोसेमंद दुकानों से ही घी-दूध खरीदें। खुले में मिलने वाले सस्ते घी से बचें।
खेजड़िया भूप गांव में इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मचा हुआ है। लोगों को यकीन नहीं हो रहा कि उनके बीच में इतना बड़ा मिलावट का कारोबार चल रहा था। कई लोगों ने कहा कि उन्होंने भी यहां से घी खरीदा था। अब उन्हें डर लग रहा है। महिलाएं कह रही हैं कि त्योहार पर इसी घी से मिठाई बनाई थी। समाजसेवियों ने मांग की है कि आरोपियों की संपत्ति जब्त की जाए और उन पर रासुका लगाई जाए ताकि दोबारा ऐसी हिम्मत न कर सकें।
आगे क्या, पुलिस और प्रशासन की योजना
पुलिस ने कहा है कि ये सिर्फ शुरुआत है। मंदसौर जिले में मिलावट के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। हर ब्लॉक में टीम भेजी जाएगी। खाद्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वो हर हफ्ते सैंपलिंग करे। होटल, ढाबा और मिठाई की दुकानों पर विशेष नजर रखी जाएगी। जन जागरूकता के लिए स्कूलों और पंचायतों में कार्यक्रम होंगे ताकि लोग मिलावटी सामान की पहचान कर सकें। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। उनके बैंक खाते और संपत्ति की भी जांच की जाएगी।
जनता से अपील
अगर आपको कहीं भी सस्ता दूध, घी या पनीर मिले तो उसकी शुद्धता जरूर जांचें। शक होने पर तुरंत 181 या खाद्य विभाग के टोल फ्री नंबर पर शिकायत करें। त्योहार नजदीक हैं, जरा सी लापरवाही आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है।