हिमाचल में नवरात्र और बर्फबारी से पर्यटन में उछाल, होटलों में 80% तक बुकिंग फुल
हिमाचल प्रदेश में इस बार शारदीय नवरात्र और शुरुआती बर्फबारी ने मिलकर पर्यटन को बूस्ट कर दिया है। अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में ही बर्फ के दीदार और नवरात्र की छुट्टियों के चलते प्रदेश के सभी बड़े पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। शिमला, मनाली, धर्मशाला, डलहौजी और कसोल जैसे हिल स्टेशनों के होटलों में 60 से 80 प्रतिशत तक बुकिंग दर्ज की गई है। वीकेंड पर तो ये आंकड़ा 90% तक पहुंच गया है। सड़कों पर लंबा जाम, होटलों में वेटिंग लिस्ट और टैक्सी की डिमांड अचानक बढ़ गई है।
नवरात्र 10 अक्टूबर से शुरू हुए हैं और 18 अक्टूबर तक चलेंगे। इसके साथ ही अटल टनल के पास और रोहतांग में हल्की बर्फबारी शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर बर्फ से ढके पहाड़ों की तस्वीरें वायरल होते ही दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, यूपी और गुजरात से सैलानी हिमाचल की तरफ दौड़ पड़े। ट्रैवल एजेंसियों का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस बार 35% ज्यादा बुकिंग आई है। शिमला में माल रोड, रिज और कुफरी में पैर रखने की जगह नहीं है। कुफरी में सुबह 9 बजे से ही वाहनों की लाइन लग जा रही है। मनाली में अटल टनल और सोलंगनाला के लिए 4-4 घंटे का जाम लग रहा है। धर्मशाला में मैक्लोडगंज और भागसूनाग फॉल के पास होटल फुल हैं। डलहौजी और खज्जियार में भी 70% से ज्यादा ऑक्यूपेंसी है।
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया “नवरात्र की छुट्टियां और बर्फबारी एक साथ पड़ने से ये सीजन पीक पर पहुंच गया है। 3 स्टार और 4 स्टार होटलों में तो वीकेंड की बुकिंग 2 हफ्ते पहले ही फुल हो गई थी। अब स्पॉट बुकिंग के लिए लोग फोन कर रहे हैं।” पर्यटन विभाग ने भी अतिरिक्त व्यवस्था की है। शिमला और मनाली में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पार्किंग के लिए नए अस्थायी ग्राउंड बनाए गए हैं। HRTC ने दिल्ली, चंडीगढ़ और अमृतसर से हिमाचल के लिए 50 अतिरिक्त बसें चलाई हैं। हवाई अड्डों पर भी फ्लाइट्स की संख्या बढ़ाई गई है। सबसे ज्यादा भीड़ युवा और फैमिली की है। कॉलेजों में दशहरा की छुट्टी होने से स्टूडेंट्स का ग्रुप सबसे ज्यादा दिख रहा है। कई लोग 3 दिन का प्लान लेकर आए हैं और बर्फ में खेलने, फोटो खिंचवाने और लोकल खाना खाने का मजा ले रहे हैं।
स्थानीय दुकानदार और टैक्सी चालक भी खुश हैं। एक शिमला के दुकानदार ने कहा “कोरोना के बाद ऐसा सीजन नहीं देखा। 2 महीने का काम 15 दिन में हो जा रहा है।” मनाली के एक कैब ड्राइवर ने बताया “रोज 12-14 घंटे काम करना पड़ रहा है लेकिन कमाई भी अच्छी हो रही है।” लेकिन भीड़ के साथ दिक्कतें भी बढ़ी हैं। ट्रैफिक जाम सबसे बड़ी समस्या है। शिमला-चंडीगढ़ हाईवे और भुंतर-मनाली रोड पर घंटों जाम लग रहा है। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि वीकेंड अवॉयड करें और वीक डे में आएं।मौसम विभाग ने अगले 3 दिन तक ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। इसलिए पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वो गर्म कपड़े, रेनकोट और जरूरी दवाइयां साथ रखें। पहाड़ों पर रात में तापमान 5 डिग्री तक गिर जा रहा है।
होटल की कीमतें भी 30 से 40% बढ़ गई हैं। जो कमरा सामान्य दिनों में 2000 का मिलता था वो अब 3500 से 4000 में मिल रहा है। फिर भी लोग बुकिंग करवा रहे हैं। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर “Sold Out” का बोर्ड लगा है।स्थानीय प्रशासन ने प्लास्टिक और कचरे को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। शिमला और मनाली में “No Plastic Zone” अभियान चलाया जा रहा है। पर्यटकों से अपील की गई है कि पहाड़ों को साफ रखें। इस बार का नवरात्र हिमाचल के लिए आर्थिक तौर पर बहुत फायदेमंद साबित हो रहा है। पर्यटन विभाग का अनुमान है कि अक्टूबर में अकेले 8 से 10 लाख पर्यटक हिमाचल आएंगे। इससे राज्य को 500 करोड़ से ज्यादा का राजस्व मिलेगा।
अगले हफ्ते दशहरा और फिर दिवाली की छुट्टियां हैं। ट्रैवल एजेंट्स का कहना है कि नवंबर तक बुकिंग का यही ट्रेंड रहेगा। अगर बर्फबारी और बढ़ी तो दिसंबर तक सीजन और लंबा खिंच जाएगा। संक्षेप में कहें तो हिमाचल में इस बार नवरात्र और बर्फ ने मिलकर पर्यटन का सीजन बना दिया है। होटल फुल हैं, सड़कें जाम हैं, लेकिन पहाड़ों की खूबसूरती और ठंडी हवा हर परेशानी को छोटा कर दे रही है। अगर आप भी प्लान कर रहे हैं तो जल्दी बुकिंग करवाएं और वीक डे में जाने की कोशिश करें। पहाड़ बुला रहे हैं, और हिमाचल इस बार पूरी तरह तैयार है अपने मेहमानों के स्वागत के लिए।