भाजपा बोली- कांग्रेस जोकरों की पार्टी बनी, PM की मां का अपमान; राहुल बोले- दिया जलाने का पैसा है, हॉस्टल का नहीं
नई दिल्ली। शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम के बाद देश की राजनीति एक बार फिर उबल गई है। इस कार्यक्रम में स्टैंडअप कॉमेडियन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल किए जाने और छात्रों द्वारा सरकार पर सवाल उठाए जाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर सबसे तीखा हमला किया है। केंद्रीय मंत्रियों से लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस को “जोकरों की पार्टी” तक कह दिया और कहा कि कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की मां का अपमान किया है।
वहीं दूसरी तरफ राहुल गांधी ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार के पास मंदिरों में दिया जलाने और इवेंट करने का पैसा है लेकिन छात्रों के हॉस्टल और शिक्षा के लिए पैसा नहीं है। राहुल ने कहा “ये सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स की लड़ाई है और हम छात्रों के साथ खड़े हैं।” इंदौर का ये कार्यक्रम “छात्रों की गूंज” का पांचवां एडिशन था। इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में भी ऐसे आयोजन हो चुके हैं। लेकिन इंदौर वाला कार्यक्रम सबसे ज्यादा सुर्खियों में आ गया क्योंकि यहां माहौल सबसे ज्यादा गर्म रहा।
इंदौर में क्या हुआ था, “छात्रों की गूंज” का पूरा घटनाक्रम
शनिवार सुबह से ही इंदौर के एक बड़े हॉल में हजारों छात्र-छात्राएं जुटने लगे थे। कार्यक्रम का विषय था “सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स”। मंच पर राहुल गांधी के साथ 8-10 छात्र बैठे थे। ये छात्र अलग-अलग राज्यों से आए थे और NEET, CUET, सरकारी भर्ती और हॉस्टल की समस्याएं बता रहे थे। कार्यक्रम के बीच में एक स्टैंडअप कॉमेडियन को बुलाया गया। उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आवाज और अंदाज की नकल की। साथ ही कुछ चुटकुले सुनाए जिसमें सरकार की शिक्षा नीति और महंगाई पर तंज था। हॉल में बैठे छात्र हंस रहे थे और तालियां बजा रहे थे। उसके बाद छात्रों ने राहुल गांधी से सीधे सवाल पूछे। एक छात्रा ने कहा “हमारे हॉस्टल में 6 लोग एक कमरे में रहते हैं। फीस हर साल बढ़ रही है।” एक लड़के ने कहा “2 साल से SSC की भर्ती नहीं आई।” एक अन्य छात्र ने कहा “पेपर लीक हो जाता है और सरकार कहती है जांच होगी।” राहुल गांधी ने सभी सवाल सुने और कहा “आपकी आवाज दबाई जा रही है। सरकार आपको बेरोजगार रखकर मंदिर-मस्जिद में उलझाना चाहती है।” उन्होंने कहा “सरकार के पास दिया जलाने, मूर्ति लगाने और रैली करने का पैसा है लेकिन आपके हॉस्टल बनाने का पैसा नहीं है।” कार्यक्रम 2 घंटे चला और यूट्यूब पर लाइव भी हुआ। वीडियो वायरल होते ही रात तक ये देश का सबसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया।
भाजपा का पलटवार, “कांग्रेस जोकरों की पार्टी बन गई”
रविवार सुबह होते ही भाजपा के नेता एक-एक करके सामने आए और कांग्रेस पर हमला बोला। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा “कांग्रेस अब जोकरों की पार्टी बन गई है। स्टैंडअप कॉमेडियन बुलाकर देश के प्रधानमंत्री का अपमान करवा रही है। ये छात्रों का अपमान है।” भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा “राहुल गांधी को शर्म आनी चाहिए। आप शिक्षा की बात करते हैं और मंच पर तमाशा करवाते हैं। PM की मां का अपमान किया गया। ये संस्कार हैं कांग्रेस के।” केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने ट्वीट किया “कांग्रेस के पास न नीति है न नेता। इसलिए वो जोकरों को आगे करती है। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।” मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इंदौर में कहा “इंदौर शिक्षा का केंद्र है। यहां आकर राहुल गांधी ने राजनीति की दुकान खोली। PM मोदी की मां देश की मां हैं। उनका अपमान पूरे देश का अपमान है।” भाजपा IT सेल ने भी वीडियो के क्लिप काट-काट कर शेयर किए और लिखा “कांग्रेस = जोकर पार्टी।” कई भाजपा नेताओं ने कहा कि स्टैंडअप कॉमेडियन ने जो नकल की वो PM की मां पर थी और ये बर्दाश्त नहीं होगा। भाजपा ने ये भी कहा कि राहुल गांधी खुद विदेश में जाकर भारत को बदनाम करते हैं और अब देश में आकर छात्रों को भड़का रहे हैं।
राहुल गांधी और कांग्रेस का जवाब, “हम मुद्दे उठा रहे हैं”
भाजपा के हमले के बाद कांग्रेस ने तुरंत पलटवार किया। राहुल गांधी ने रविवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा “भाजपा मुद्दों से भाग रही है। जब छात्र सवाल पूछते हैं तो वो जोकर-जोकर चिल्लाने लगते हैं।” राहुल ने कहा “मैंने मंच पर कोई अपमान नहीं किया। छात्रों ने अपनी पीड़ा बताई। अगर PM की नकल करना गुनाह है तो लोकतंत्र में सवाल पूछना भी गुनाह है क्या?” उन्होंने दोहराया “सरकार के पास दिया जलाने, मूर्ति बनाने, इवेंट करने का हजारों करोड़ है। लेकिन यूनिवर्सिटी में हॉस्टल नहीं बनता। लाइब्रेरी में किताबें नहीं हैं। टीचर की पोस्ट खाली पड़ी हैं।” कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा “भाजपा छात्रों से डर गई है। इसलिए वो मुद्दे की बात न करके जोकर वाली बात कर रही है।” कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा “अगर PM की मां का सम्मान है तो छात्रों की मां का सम्मान क्यों नहीं? जो मां अपने बेटे को पढ़ाने के लिए कर्ज लेती है उसका क्या?” कांग्रेस ने ये भी कहा कि “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम का मकसद छात्रों को मंच देना है। कोटा में पेपर लीक, प्रयागराज में भर्ती घोटाला, पुणे में फीस वृद्धि, देहरादून में हॉस्टल की समस्या, ये सब मुद्दे इसी मंच से उठे हैं।
“दिया जलाने का पैसा है हॉस्टल का नहीं” वाले बयान पर बवाल
राहुल गांधी के इस एक लाइन ने सबसे ज्यादा बवाल मचाया। उन्होंने कहा “सरकार के पास दिया जलाने का पैसा है लेकिन हॉस्टल का पैसा नहीं है।” भाजपा ने इसे हिंदू भावनाओं का अपमान बताया। भाजपा नेता ने कहा “दिया जलाना हमारी संस्कृति है। राहुल गांधी संस्कृति का अपमान कर रहे हैं।” राहुल ने सफाई दी “मैंने संस्कृति का अपमान नहीं किया। मेरा मतलब था कि सरकार दिखावे पर पैसा खर्च करती है लेकिन बुनियादी जरूरतों पर नहीं।” लेकिन भाजपा ने इस बयान को चुनावी मुद्दा बना लिया। MP में पोस्टर लगाए गए “राहुल गांधी को दिए से नफरत है।”
छात्र क्या कह रहे हैं, राजनीतिक विश्लेषक क्या कह रहे हैं
इंदौर के कार्यक्रम में आए छात्रों की राय बंटी हुई है। एक छात्र ने कहा “हम 3 साल से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे हैं। राहुल गांधी ने हमारी बात सुनी। भाजपा सिर्फ गाली दे रही है।” दूसरे छात्र ने कहा “कॉमेडी की जरूरत नहीं थी। मुद्दे की बात होती तो बेहतर होता।” एक छात्रा ने कहा “हॉस्टल में पानी नहीं आता। फीस 20 हजार से 40 हजार हो गई। कोई सुनता नहीं। राहुल गांधी ने मंच दिया।” कई छात्र संगठनों ने भी बयान दिए। ABVP ने कहा “कांग्रेस छात्रों को गुमराह कर रही है।” NSUI ने कहा “भाजपा छात्रों के सवालों से भाग रही है।”
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि 2026 में कई राज्यों में चुनाव हैं। छात्र और युवा वोटर सबसे बड़ा वोट बैंक हैं। इसलिए दोनों पार्टियां उन्हें साधने में लगी हैं। एक विश्लेषक ने कहा “भाजपा के लिए PM का अपमान बड़ा मुद्दा है क्योंकि इससे इमोशनल कनेक्ट बनता है। कांग्रेस के लिए बेरोजगारी और महंगाई बड़ा मुद्दा है।” दूसरे ने कहा “राहुल का दिया वाला बयान गलत टाइम पर आया। भाजपा को मुद्दा मिल गया। लेकिन छात्रों की समस्याएं भी असली हैं।”
सोशल मीडिया पर जंग
ट्विटर और इंस्टाग्राम पर #JokerCongress और #StudentsKiGoonj दोनों ट्रेंड करने लगे। भाजपा समर्थक PM की मां की फोटो लगा रहे हैं। कांग्रेस समर्थक खाली हॉस्टल और बेरोजगार युवाओं की फोटो लगा रहे हैं। कॉमेडियन का वीडियो 10 मिलियन बार देखा जा चुका है। कमेंट में लोग लिख रहे हैं “हंसना गुनाह है क्या?” और “PM का अपमान बर्दाश्त नहीं।”
इंदौर का “छात्रों की गूंज” कार्यक्रम अब सिर्फ एक छात्र सम्मेलन नहीं रहा। ये भाजपा बनाम कांग्रेस की सीधी लड़ाई बन गया है। भाजपा कह रही है “कांग्रेस जोकरों की पार्टी बन गई और PM की मां का अपमान किया।” कांग्रेस कह रही है “सरकार के पास दिया जलाने का पैसा है लेकिन छात्रों के हॉस्टल का पैसा नहीं।” बीच में फंसे हुए हैं छात्र। जिनके लिए हॉस्टल, फीस, भर्ती और रोजगार असली मुद्दा है। अगले कुछ दिन तक ये बहस और गर्म होगी। क्योंकि राहुल गांधी ने कहा है कि “छात्रों की गूंज” का अगला कार्यक्रम लखनऊ में होगा। और भाजपा ने कहा है कि वो हर शहर में इसका जवाब देगी। फिलहाल इतना तय है कि 2026 के चुनाव से पहले शिक्षा और युवा अब सबसे बड़ा मुद्दा बन गए हैं।