“CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान: MP TET अब ऑनलाइन और ऑफलाइन, शिक्षकों की भर्ती में मिलेगी राहत”
भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने MP TET 2026 को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब ये परीक्षा सिर्फ ऑनलाइन नहीं, ऑनलाइन + ऑफलाइन दोनों मोड में होगी। CM मोहन यादव ने 7 सितंबर को भोपाल में हुए राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में इसकी घोषणा की। स्कूल शिक्षा विभाग ने भी X पर वीडियो शेयर करके इसकी पुष्टि कर दी है।
परीक्षा की तारीख: 12 अक्टूबर 2026
आवेदन जल्द शुरू होंगे। मतलब अब कैंडिडेट्स के पास 2 ऑप्शन होंगे। जो कंप्यूटर में कमजोर हैं या ग्रामीण इलाके से हैं, उनके लिए ये फैसला गेम-चेंजर साबित होगा।
CM मोहन यादव ने मंच से क्या कहा
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 7 सितंबर को शिक्षक सम्मान समारोह था। पूरे प्रदेश से 5000 शिक्षकों को बुलाया गया था। मंच पर CM मोहन यादव के साथ स्कूल शिक्षा मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री और MPPEB के चेयरमैन भी थे। CM ने भाषण में कहा “हम चाहते हैं कि मध्य प्रदेश के गांव-गांव से योग्य शिक्षक आएं। लेकिन कई बच्चे ऑनलाइन परीक्षा की वजह से पीछे रह जा रहे थे। कंप्यूटर नहीं आता, नेट की दिक्कत, सेंटर दूर। इसलिए हमने तय किया है कि MP TET अब ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन भी होगी।” उन्होंने आगे कहा “12 अक्टूबर 2026 को परीक्षा होगी। आवेदन अक्टूबर के पहले हफ्ते में शुरू होंगे। फीस वही रहेगी। सिलेबस वही रहेगा। बस मोड बदल रहा है।” जैसे ही CM ने ये ऐलान किया, हॉल में तालियां गूंज उठीं। कई शिक्षकों की आंखें नम हो गईं। स्कूल शिक्षा विभाग ने 10 मिनट बाद ही X पर एक वीडियो पोस्ट किया। वीडियो में CM का ऐलान और छात्रों की प्रतिक्रिया थी। कैप्शन था “शिक्षक भर्ती में पारदर्शिता और सुविधा दोनों। #MPTET2026 #OnlineOffline”
MP TET है क्या, क्यों जरूरी है
MP TET मतलब मध्य प्रदेश टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट। ये परीक्षा राज्य में सरकारी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य है। 2 पेपर होते हैं।
पेपर 1: कक्षा 1 से 5 तक पढ़ाने के लिए।
पेपर 2: कक्षा 6 से 8 तक पढ़ाने के लिए।
जो दोनों पढ़ाना चाहते हैं वो दोनों पेपर देते हैं। परीक्षा पास करने के बाद सर्टिफिकेट 5 साल के लिए वैध होता है। इसी सर्टिफिकेट के आधार पर आगे वर्ग 1, वर्ग 2 और वर्ग 3 की भर्ती में बैठ सकते हैं। पिछले 5 साल से MP TET सिर्फ ऑनलाइन हो रही थी। MPPEB यानी कर्मचारी चयन मंडल इसे कंडक्ट कराता है।
क्यों बदला गया नियम? सुप्रीम कोर्ट और छात्रों की दिक्कत
ऑनलाइन परीक्षा 2021 से शुरू हुई थी। तर्क था पारदर्शिता, नकल रोकना, रिजल्ट जल्दी। लेकिन धीरे-धीरे दिक्कतें सामने आने लगीं।
पहली दिक्कत: डिजिटल डिवाइड
MP के 52 जिलों में से 30 जिले ग्रामीण हैं। आदिवासी ब्लॉक, नक्सल प्रभावित क्षेत्र। वहां कंप्यूटर सेंटर दूर हैं। कई बच्चों ने पहली बार कंप्यूटर माउस 2024 की परीक्षा में छुआ। वो पेपर जानते थे लेकिन क्लिक करने में समय चला गया। जबलपुर के एक कैंडिडेट ने याचिका में लिखा था “मैंने 120 सवाल किए लेकिन 10 सवाल माउस की वजह से छूट गए।”
दूसरी दिक्कत: तकनीकी गड़बड़ी
2023 और 2024 की परीक्षा में सर्वर डाउन, बिजली कट, बायोमेट्रिक फेल जैसी शिकायतें आईं। ग्वालियर में एक सेंटर पर 2 घंटे बिजली नहीं थी। बच्चों को दोबारा परीक्षा देनी पड़ी।
तीसरी दिक्कत: सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
जुलाई 2026 में सुप्रीम कोर्ट में एक PIL लगी थी। याचिकाकर्ता का कहना था “संविधान का अनुच्छेद 14 कहता है समान अवसर। अगर कोई बच्चा कंप्यूटर नहीं जानता तो उसे आप परीक्षा से बाहर नहीं कर सकते।”
कोर्ट ने MP सरकार से पूछा था “क्या ऑफलाइन का विकल्प दे सकते हो?” सरकार ने कहा “विचार करेंगे।” और 2 महीने में CM ने ऐलान कर दिया। स्कूल शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा “हम कोर्ट का सम्मान करते हैं। और छात्रों की सुविधा भी। इसलिए डुअल मोड लाए हैं।”
ऑनलाइन + ऑफलाइन का मतलब क्या होगा
अब फॉर्म भरते समय हर कैंडिडेट से पूछा जाएगा “आप किस मोड में परीक्षा देना चाहते हैं?” ऑनलाइन चुनने वालों के लिए: पहले जैसे कंप्यूटर सेंटर। 150 सवाल, 2.5 घंटे। रिजल्ट 15 दिन में। ऑफलाइन चुनने वालों के लिए: OMR शीट। पेन से गोले भरने होंगे। 150 सवाल, 2.5 घंटे। रिजल्ट 30 दिन में। दोनों का सिलेबस, फीस, लेवल एकदम बराबर। मेरिट भी एक साथ बनेगी। कोई भेदभाव नहीं। पेपर भी एक ही दिन 12 अक्टूबर को दो शिफ्ट में होगा। सुबह पेपर 1, शाम को पेपर 2। MPPEB के चेयरमैन ने कहा “हम 400 ऑनलाइन सेंटर और 600 ऑफलाइन सेंटर बनाएंगे। ताकि ब्लॉक लेवल पर सेंटर मिले।”
कितने छात्रों को फायदा होगा
MP में हर साल औसतन 8 से 10 लाख लोग MP TET देते हैं। 2025 की ऑनलाइन परीक्षा में 9.2 लाख ने रजिस्ट्रेशन किया था लेकिन 1.1 लाख अनुपस्थित रहे। सर्वे में 40% ने कहा “सेंटर 80KM दूर था इसलिए नहीं गए।” अब ऑफलाइन सेंटर ब्लॉक तक जाएंगे। अनुमान है कि इस बार 12 लाख से ज्यादा आवेदन आएंगे। बालाघाट की सीमा पटेल कहती हैं “मैं 3 बार फेल हुई। कारण कंप्यूटर। अब ऑफलाइन दूंगी। उम्मीद है इस बार निकल जाएगा।” इंदौर के कोचिंग संचालक राजेश सर कहते हैं “मेरे 200 बच्चे ग्रामीण से हैं। 150 ने कहा सर ऑफलाइन वाला फॉर्म भरना है।”
फीस, सिलेबस और तैयारी में क्या बदलाव
फीस: कोई बदलाव नहीं। जनरल/OBC के लिए ₹500, SC/ST के लिए ₹250। दोनों पेपर देने पर डबल।
सिलेबस: वही रहेगा। बाल विकास, भाषा, गणित, पर्यावरण। 150 सवाल, 1 नंबर का 1 सवाल। नेगेटिव मार्किंग नहीं।
क्वालिफाइंग मार्क्स: जनरल 60%, SC/ST/OBC 55%।
सर्टिफिकेट: पास होने पर डिजिटल सर्टिफिकेट। 5 साल वैध।
तैयारी: जो ऑनलाइन देंगे उन्हें मॉक टेस्ट MPPEB की वेबसाइट पर मिलेंगे। जो ऑफलाइन देंगे उन्हें OMR प्रैक्टिस शीट डाउनलोड करने को मिलेगी।
शिक्षक भर्ती में क्या असर पड़ेगा
MP में 2027 तक 1 लाख शिक्षकों की भर्ती का टारगेट है। वर्ग 3 की 50 हजार पोस्ट पहले ही पेंडिंग हैं। शिक्षा मंत्री ने कहा “MP TET पास करने वाले ही भर्ती में बैठेंगे। अब जब ज्यादा बच्चे पास होंगे तो भर्ती तेज होगी। गांव के स्कूलों में टीचर की कमी दूर होगी।” एक स्टडी कहती है कि MP के 15% प्राथमिक स्कूलों में 2 से कम शिक्षक हैं। ऑफलाइन ऑप्शन से ग्रामीण कैंडिडेट बढ़ेंगे और वही गांव में नौकरी करेंगे।
राजनीतिक मायने क्या हैं, दूसरे राज्यों में क्या हो रहा है
2028 में विधानसभा चुनाव हैं। शिक्षक भर्ती और TET बड़ा वोट बैंक है। CM मोहन यादव ने कहा “हमारी सरकार युवाओं की सरकार है। कोई भी प्रतिभा तकनीक की वजह से पीछे न रहे।” विपक्ष ने भी स्वागत किया। कांग्रेस के नेता जीतू पटवारी ने कहा “देर से सही, फैसला अच्छा है। लेकिन सेंटर की संख्या और बढ़ाएं।”
CTET अभी भी ऑफलाइन है। UPTET 2024 से ऑनलाइन + ऑफलाइन दोनों कर रहा है। राजस्थान REET सिर्फ ऑनलाइन। वहां भी विरोध हो रहा है। MP पहला राज्य है जिसने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद इतनी जल्दी डुअल मोड लागू किया।
छात्रों और एक्सपर्ट की प्रतिक्रिया
भोपाल की कोचिंग में पढ़ने वाली अंजलि ने कहा “मैं कंप्यूटर सीख रही थी। अब जरूरत नहीं। ऑफलाइन दूंगी।” सागर के एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा “अच्छे टीचर गांव से ही आते हैं। अब उन्हें मौका मिलेगा।” शिक्षा विशेषज्ञ डॉ. आरपी सिंह कहते हैं “ये फैसला समावेशी है। तकनीक जरूरी है लेकिन मजबूरी नहीं बननी चाहिए।”
CM मोहन यादव का ये ऐलान MP के लाखों युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है। पहले कंप्यूटर न आने की वजह से जो बच्चे पीछे रह जाते थे, अब उन्हें पेन-पेपर का ऑप्शन मिलेगा। जो टेक्नोलॉजी से कम्फर्टेबल हैं वो ऑनलाइन दे सकते हैं। 12 अक्टूबर 2026 की परीक्षा अब सिर्फ परीक्षा नहीं रही। ये समान अवसर की परीक्षा है। आवेदन अक्टूबर में शुरू होंगे। अगर आप भी शिक्षक बनना चाहते हैं तो अभी से तैयारी शुरू कर दीजिए। क्योंकि अब बहाना नहीं है। मोड आप चुनिए, मेहनत आपको करनी है।