बिहार के जमुई में शर्मनाक वारदात, छात्रा से हैवानियत,वीडियो वायरल होते ही खुला जमुई कांड,फुल एनकाउंटर से मिला सबक
19 सितंबर की वो शाम, जब लौटी तो कमरे में बंद हो गई बेटी
बिहार के जमुई जिले में 19 सितंबर 2026 की शाम एक नाबालिग छात्रा घर लौटी। लेकिन वो बेटी नहीं, एक टूटी हुई आत्मा बनकर लौटी थी। पीड़ित छात्रा के माता-पिता ने बताया कि जैसे ही बेटी घर पहुंची, वो सीधे अपने कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। मां ने आवाज दी, खाना खाने को कहा, लेकिन कोई जवाब नहीं आया।
पूरी रात वो कमरे से बाहर नहीं निकली। घर वाले समझे कि थक गई होगी, इसलिए सो गई होगी। लेकिन असल में उस रात उसके साथ जो हुआ था उसने उसकी रूह तक को झकझोर दिया था। मड़वा पहाड़ पर कुछ दरिंदों ने उसके और उसके साथ मौजूद छात्र के साथ ऐसी हैवानियत की थी कि सोचकर भी रूह कांप जाए। अगली सुबह 20 सितंबर को जब मां ने नाश्ते के लिए उठाया तो बेटी का चेहरा उतरा हुआ था। आंखों में खौफ था। लेकिन स्वभाव से शांत रहने वाली बेटी ने कुछ नहीं बताया। मां को लगा शायद स्कूल का टेंशन होगा। किसे पता था कि उसकी बच्ची के साथ इतनी बड़ी वारदात हो चुकी है। शाम को अचानक मोबाइल पर कॉल आने लगे। लोग वीडियो की बात कर रहे थे। तब जाकर परिजनों को पता चला कि मड़वा पहाड़ पर क्या हुआ था। किसी ने घटना का वीडियो बना लिया था और उसे वायरल कर दिया था। मां का कहना है कि वीडियो देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
मड़वा पहाड़ की हैवानियत, छात्र-छात्रा के साथ घिनौनी हरकत
जमुई का मड़वा पहाड़ वैसे तो पिकनिक स्पॉट है। लोग घूमने जाते हैं। लेकिन 19 सितंबर को वहां इंसानियत शर्मसार हो गई। पीड़ित छात्रा अपने एक दोस्त छात्र के साथ वहां गई थी। दोनों स्टूडेंट हैं और आपस में अच्छे दोस्त हैं।शाम के समय 4-5 लड़कों ने उन्हें घेर लिया। पहले गाली-गलौज की, फिर मारपीट। इसके बाद छात्र के साथ मारपीट करते हुए छात्रा के साथ अभद्रता की गई। सबसे शर्मनाक बात ये कि एक आरोपी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया।पीड़िता की मां ने बताया कि बेटी ने रोते हुए बताया कि आरोपियों ने धमकी दी कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देंगे। डर के मारे दोनों चुपचाप घर लौट आए। छात्र ने भी हिम्मत नहीं हारी। उसने मुश्किल वक्त में छात्रा का साथ दिया। मां ने कहा कि हमें उस छात्र पर गर्व है।
घटना के बाद आरोपी वीडियो को सोशल मीडिया पर डालने की धमकी भी दे रहे थे। और उन्होंने ऐसा ही किया। 20 सितंबर की शाम तक वीडियो वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होते ही टूट गई मां, छलक पड़ीं आंखें
20 सितंबर की शाम जब परिजनों के पास वीडियो पहुंचा तो घर में मातम छा गया। मां का कहना है कि वो वीडियो देख नहीं पाईं। बेटी को गले लगाकर बस रोती रहीं।प्यार और हिम्मत से जब मां ने पूछा तो बेटी फफक पड़ी। उसने मड़वा पहाड़ पर घटी पूरी घटना बताई। कैसे आरोपियों ने गाली दी, कैसे मारा, कैसे वीडियो बनाया। बताते-बताते मां की आंखें छलक गईं। उन्होंने कहा कि हमारी बच्ची ने जो सहा है उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।गांव में भी इस घटना की चर्चा है। लोग शर्म से सिर झुका रहे हैं। एक मां ने कहा कि अब बेटियों को घर से बाहर भेजने में डर लगता है।
पुलिस ने वीडियो के आधार पर तुरंत कार्रवाई की। 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। लेकिन मां का कहना है कि जब तक सभी आरोपियों को सख्त सजा नहीं मिलती, उन्हें चैन नहीं आएगा।
पुलिस की कार्रवाई, गिरफ्तार हुए आरोपी, फुल एनकाउंटर की मांग
घटना के वायरल होते ही जमुई पुलिस हरकत में आई। एसपी के निर्देश पर टीम बनाई गई। सीसीटीवी और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान हुई। 48 घंटे के अंदर 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। उन्हें जेल भेज दिया गया। लेकिन गांव वाले और पीड़िता के परिजन संतुष्ट नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक “फुल एनकाउंटर” नहीं होता, ऐसे दरिंदों को सबक नहीं मिलेगा।मां ने कहा कि ऐसे लोगों को बीच चौराहे पर गोली मार देनी चाहिए। ताकि दोबारा कोई बेटी की तरफ आंख उठाकर न देखे। सोशल मीडिया पर भी #JamuiEncounter ट्रेंड कर रहा है। लोग योगी मॉडल की मांग कर रहे हैं।पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। बाकी आरोपियों की तलाश में छापेमारी चल रही है। वीडियो बनाने और वायरल करने वाले पर भी POCSO और IT एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं।
पीड़ित छात्रा की मानसिक हालत, अभी भी सदमे में है बेटी
गिरफ्तारी के बाद भी पीड़िता की हालत ठीक नहीं है। मां ने बताया कि बेटी अब भी सहमी रहती है। रात में डरकर उठ जाती है। अकेले कमरे में नहीं रहती। खाना-पीना भी कम कर दिया है।मनोचिकित्सक से परामर्श लिया गया है। डॉक्टर ने कहा कि बच्ची PTSD यानी पोस्ट ट्रॉमेटिक स्ट्रेस में है। उसे काउंसलिंग की जरूरत है। स्कूल भी नहीं जा रही है।मां दिन-रात बेटी के पास बैठती हैं। उसे हिम्मत देती हैं कि तुमने कोई गलती नहीं की। गलती उन दरिंदों की है। लेकिन बच्ची अब भी खुद को दोषी मानती है।महिला आयोग की टीम भी पीड़िता से मिली है। उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा दिया है। सरकार की तरफ से मुआवजे की घोषणा भी की गई है।
साथ देने वाले छात्र की बहादुरी, परिजनों ने जताया भरोसा
इस पूरी घटना में एक बात जो सबको अच्छी लगी वो है उस छात्र की बहादुरी। पीड़िता के माता-पिता ने कहा कि मुश्किल घड़ी में उस लड़के ने हमारी बेटी का हौसला नहीं टूटने दिया। आरोपियों से भिड़ा, बचाने की कोशिश की।लोग उस छात्र को भी दोषी ठहरा रहे थे। लेकिन परिजनों ने साफ कहा कि वो हमारा बेटा जैसा है। अगर वो नहीं होता तो पता नहीं क्या हो जाता।छात्र भी इस घटना के बाद डरा हुआ है। लेकिन उसने पुलिस को पूरा सहयोग किया। उसी के बयान पर FIR दर्ज हुई।समाज को ऐसे लड़कों की जरूरत है जो मुश्किल में लड़कियों का साथ दें, न कि तमाशा देखें।