“कलेक्टर कहां हैं, बुलाइए”: सिंधिया का वीडियो वायरल, BJP नेता के भाई की मौत पर कलेक्टर-SP को लगाई फटकार
गुना/भोपाल। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। वीडियो में सिंधिया प्रशासनिक अधिकारियों पर बेहद नाराज नजर आ रहे हैं। उन्होंने सीधे कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल को फटकार लगाई और महिला एसपी हितिका वासल से भी सवाल-जवाब किए।आई। मोहन बारेला ने कथित तौर पर सिंधिया को बताया कि उनके भाई की मौत सामान्य हादसा नहीं थी, बल्कि उन्हें हत्या की आशंका है। परिवार का आरोप था कि पुलिस ने मामले को उनकी शिकायत के मुताबिक गंभीरता से नहीं लिया और मौत को दुर्घटना से जुड़े मामले के तौर पर दर्ज किया गया।
शिकायत सुनने के बाद सिंधिया ने मौके पर ही अधिकारियों से मामले की जानकारी लेने की कोशिश की। जब उन्हें बताया गया कि कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और एसपी हितिका वासल अपनी गाड़ी में हैं, तो उन्होंने दोनों अधिकारियों को तुरंत बुलाने को कहा। वायरल वीडियो में सिंधिया अधिकारियों से जनता की शिकायत के दौरान मौके पर मौजूद रहने और मामले को गंभीरता से देखने की बात कहते नजर आते हैं।इसके बाद कलेक्टर और एसपी के सामने ही ताराचंद बारेला की मौत से जुड़े मामले की जानकारी ली गई। रिपोर्टों के अनुसार, सिंधिया ने एसपी को मामले की जांच करने और परिवार को न्याय दिलाने के लिए जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए। हालांकि, हत्या के आरोप या जांच में अंतिम निष्कर्ष के बारे में अभी कोई स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, इसलिए इसे फिलहाल परिवार की शिकायत और आरोप के रूप में ही देखना चाहिए। गौर करने वाली बात यह भी है कि गुना दौरे के दौरान सिंधिया के सामने सिर्फ यह मामला नहीं आया। किसानों ने खाद की उपलब्धता और टोकन व्यवस्था को लेकर भी शिकायतें कीं, जिस पर उन्होंने अधिकारियों से तत्काल शिकायतें दर्ज करने और समाधान की बात कही।
“कलेक्टर कहां हैं, जल्दी बुलाओ”
वायरल वीडियो में सिंधिया अधिकारियों से कलेक्टर के बारे में पूछते हैं और उन्हें तत्काल बुलाने के निर्देश देते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और एसपी हितिका वासल उस समय अपनी गाड़ी में थे। अधिकारियों के सामने आने के बाद सिंधिया ने उन्हें जनता के बीच रहने और शिकायतों की सुनवाई के दौरान मौके पर मौजूद रहने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि अधिकारी गाड़ी में बैठकर नहीं, बल्कि जनता के बीच रहकर अपनी ड्यूटी करें।
मोहन बारेला के भाई के मामले पर सवाल
इसके बाद सिंधिया ने मोहन बारेला के भाई ताराचंद से जुड़े मामले की जानकारी ली। परिवार की ओर से मौत को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे और निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, सिंधिया ने पुलिस अधिकारियों से मामले की जांच गंभीरता से करने और दुर्घटना से जुड़े दूसरे पक्ष से भी पूछताछ कर पूरी स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए।
ताराचंद की मौत को हत्या बताने की बात फिलहाल परिवार की शिकायत/आरोप के तौर पर सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्टों में जांच के अंतिम निष्कर्ष या हत्या साबित होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं बताई गई है। इसलिए खबर में इसे आरोप या शिकायत के रूप में लिखना ज्यादा सही रहेगा। पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा सिंधिया के उस तेवर की हो रही है, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि जनता अपनी शिकायत लेकर सामने खड़ी हो और अधिकारी गाड़ी में बैठे रहें, यह स्वीकार नहीं किया जाएगा। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर सिंधिया के इस अंदाज को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।
पूरा मामला क्या है? ताराचंद की मौत को लेकर उठे सवाल
गुना जिले के बमोरी क्षेत्र में बीजेपी मंडल अध्यक्ष मोहन बारेला के छोटे भाई ताराचंद बारेला की मौत का मामला अब चर्चा में है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, ताराचंद की मौत एक बाइक हादसे से जुड़े मामले में हुई थी। हालांकि, परिवार की ओर से इस घटना को सामान्य सड़क दुर्घटना मानने पर सवाल उठाए गए हैं। मोहन बारेला का आरोप है कि उनके भाई की मौत के पीछे साजिश या हत्या की आशंका है और पुलिस ने उनकी शिकायत को उस गंभीरता से नहीं लिया, जिसकी परिवार को उम्मीद थी।मोहन बारेला ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने अपनी शिकायत रखते हुए मामले की जांच दोबारा गंभीरता से कराने की मांग की। रिपोर्टों के अनुसार, उनका कहना था कि परिवार ने पुलिस के सामने अपनी आशंका रखी थी, लेकिन मामला दुर्घटना के रूप में दर्ज होने के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है।
इसी शिकायत के बाद सिंधिया ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी लेने का फैसला किया।इसके बाद सिंधिया ने कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और एसपी हितिका वासल को मौके पर बुलाया और उनसे घटना से जुड़े तथ्यों, वाहन और अब तक हुई पुलिस कार्रवाई के बारे में जानकारी मांगी। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच करने तथा परिवार की शिकायत का उचित निराकरण करने के निर्देश दिए।कि ताराचंद की हत्या हुई थी, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल हत्या की बात परिवार की ओर से लगाए गए आरोप और आशंका के रूप में सामने आई है। इसलिए जांच पूरी होने तक इसे हत्या के तौर पर निश्चित तथ्य नहीं, बल्कि परिवार का आरोप लिखना ज्यादा सही होगा।
कानूनी एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं?
वरिष्ठ वकील का कहना – “अगर शिकायत में हत्या का जिक्र है तो पुलिस को 302 के तहत FIR करनी चाहिए थी। अगर ऐसा नहीं हुआ तो ये लापरवाही है। मंत्री का हस्तक्षेप सही है।” पूर्व IAS अधिकारी बोले – “कलेक्टर-SP को फील्ड में जाकर मामले देखना चाहिए था। मंत्री के सामने फटकार लगना प्रशासन के लिए शर्म की बात है।”इस वीडियो ने एक बार फिर साबित किया कि जनप्रतिनिधि चाहे तो सिस्टम को जवाबदेह बना सकता है।
एक तरफ मोहन बारेला जैसे कार्यकर्ता को न्याय की उम्मीद मिली है, तो दूसरी तरफ प्रशासन के लिए ये चेतावनी है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि कलेक्टर और एसपी सिंधिया के आदेश पर क्या कार्रवाई करते हैं। क्या ताराचंद के परिवार को सच में न्याय मिलेगा?