दिल्ली में भरभराकर गिरी 5 मंजिला इमारत, मलबे में फंसे युवक ने बनाया वीडियो
दिल्ली। सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद जो वीडियो सामने आया है उसने सबको हिला कर रख दिया है। मलबे के नीचे दबा एक युवक मोबाइल से अपना वीडियो बना रहा है और बार-बार मदद मांग रहा है। उसकी आवाज कांप रही है, चारों तरफ अंधेरा और मलबे की आवाज है।इस इमारत में कई छात्र पीजी के तौर पर रह रहे थे और हादसे के वक्त कुछ लोग बिल्डिंग के अंदर मौजूद थे।सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि मलबे में फंसे एक युवक ने किसी तरह अपना मोबाइल निकालकर वीडियो बनाया और लोगों से मदद की अपील की। सोचिए, चारों तरफ मलबा हो, बाहर निकलने का कोई रास्ता न हो और ऊपर से जिंदगी बचने की उम्मीद भी कम नजर आ रही हो। ऐसे समय में उस युवक ने हिम्मत नहीं छोड़ी। उसने वीडियो बनाकर अपनी स्थिति बताई और रेस्क्यू टीम तक मदद पहुंचाने की कोशिश की।
यह वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले ने और गंभीर रूप ले लिया। क्योंकि पहले यह स्पष्ट नहीं था कि इमारत के अंदर हादसे के समय कितने लोग मौजूद थे। वहीं, मलबे के अंदर से कुछ लोगों के फोन आने की बात भी सामने आई, जिससे अंदाजा लगाया गया कि कई लोग अभी भी मलबे में फंसे हो सकते हैं।
क्या हुआ था सत्य निकेतन में?
सत्य निकेतन, साउथ दिल्ली का एक पॉश इलाका है। यहां गुरुवार देर रात एक पुरानी इमारत का हिस्सा अचानक गिर गया। हादसे के समय इमारत में कुछ लोग मौजूद थे।शुरुआती जानकारी के मुताबिक यह इमारत काफी पुरानी थी और इसकी उम्र करीब 40 से 50 साल बताई जा रही है।रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू हुआ। लेकिन मलबे के बीच से एक वीडियो वायरल होने के बाद मामला और गंभीर हो गया।हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। इसी दौरान अचानक इमारत का ढांचा कमजोर हुआ और देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग नीचे आ गिरी।
हादसे की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद दिल्ली पुलिस, एनडीआरएफ, दिल्ली फायर सर्विस और डीडीएमए की टीमें मौके पर पहुंचीं।
वायरल वीडियो में क्या है?
वीडियो करीब 40 सेकंड का है। अंधेरे में मोबाइल की टॉर्च जलाकर एक युवक बोल रहा है। वो कहता है “भाई कोई है क्या? मैं यहां मलबे में फंस गया हूं। पैर में बहुत दर्द हो रहा है। सांस लेना मुश्किल हो रहा है। प्लीज मुझे निकालो ” वीडियो में उसके आसपास ईंट, सीमेंट और लोहे के सरिए दिख रहे हैं। युवक का आधा शरीर मलबे में दबा हुआ है। वो बार-बार अपना लोकेशन बताने की कोशिश कर रहा है और कह रहा है “सत्य निकेतन वाली बिल्डिंग में हूं।” कल्पना कीजिए कि कोई व्यक्ति कई टन मलबे के बीच फंसा हुआ है। उसके आसपास अंधेरा है। बाहर निकलने का कोई रास्ता दिखाई नहीं दे रहा। ऊपर से यह भी पता नहीं कि रेस्क्यू टीम कब पहुंचेगी। ऐसी स्थिति में भी युवक ने मोबाइल से वीडियो बनाकर अपनी बात लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की।
यह वीडियो सामने आने के बाद लोगों में चिंता और बढ़ गई। क्योंकि इससे साफ हो गया कि इमारत के अंदर हादसे के वक्त लोग मौजूद थे और कुछ लोग मलबे के नीचे फंसे हुए हैं। इस तरह के हादसे में हर सेकंड बेहद महत्वपूर्ण होता है। मलबे के अंदर फंसे लोगों के लिए समय निकलने के साथ खतरा बढ़ता जाता है। इसलिए रेस्क्यू टीमों ने तुरंत बचाव अभियान तेज किया।
रेस्क्यू टीम ने कैसे निकाला?
वीडियो वायरल होते ही NDRF और दिल्ली फायर ब्रिगेड की टीमों ने सर्च तेज कर दी। आवाज और वीडियो के बैकग्राउंड से लोकेशन ट्रेस की गई। करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने युवक को मलबे से बाहर निकाला। उसे तुरंत सफदरजंग अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी हालत स्थिर है। पैर में फ्रैक्चर और शरीर पर कई जगह चोटें आई हैं।यानी हादसा सिर्फ इमारत गिरने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया।युवक का नाम अभी सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि वो 22-23 साल का है और डिलीवरी का काम करता है।
जिन परिवारों के बच्चे दिल्ली जैसे शहर में पढ़ाई करने आए थे, उनके लिए यह खबर किसी बुरे सपने से कम नहीं रही होगी। जिस जगह को उन्होंने अपने बच्चों के रहने के लिए सुरक्षित समझा था, वही जगह अचानक मलबे में बदल गई।
एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं?
आपदा प्रबंधन के एक्सपर्ट का कहना है कि ऐसे हादसों में फंसे व्यक्ति का वीडियो बनाना कभी-कभी जान बचाने में मदद करता है। “मोबाइल की टॉर्च, आवाज और लोकेशन से रेस्क्यू टीम को ट्रेस करने में आसानी होती है। लेकिन सबसे जरूरी है बिल्डिंग का स्ट्रक्चर ऑडिट। पुरानी बिल्डिंग्स को खाली कराना चाहिए।”एनडीआरएफ, फायर सर्विस, पुलिस और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल ऐसे ऑपरेशन में बेहद जरूरी होता है।