मूंछो का मान रखने वाले अभिनंदन ने छोड़ी IAF, अब FIy91 में उड़ाएंगे पैसेंजर प्लेन-जाने क्या है नियम
नई दिल्ली : 27 फरवरी 2019 को आसमान में पाकिस्तान का F- 16 गिराकर दुश्मन के दांत खट्टे करने वाले ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने अब वर्दी बदल ली है वीर चक्र विजेता अभिनंदन ने 31 मार्च 2026 को भारतीय वायुसेना से स्वैच्छिक सेवानिवर्त्ति ले ली इसके बाद उन्होंने रक्षा मंत्रालय से NOC लेकर रीजनल एयरलाइन FIy91 ज्व़ाइन कर ली है यानि अब मिग-21 नही , अब ATR-72 में यांत्रियो को नमस्कार बोलेंगे | सबसे चर्चित चेहरों में से एक के जीवन के नए अध्याय की शुरुआत है। सवाल यह भी है कि आखिर एक फाइटर पायलट के लिए एयरफोर्स छोड़कर कमर्शियल एयरलाइन में पायलट बनना कितना आसान होता है? क्या इसके लिए उसे दोबारा पायलट बनने की ट्रेनिंग लेनी पड़ती है? क्या सेना के पायलट सीधे यात्री विमान उड़ा सकते हैं? और अभिनंदन जैसे अनुभवी सैन्य पायलट के लिए नियम क्या कहते हैं?
सबसे चर्चित चेहरों में से एक के जीवन के नए अध्याय की शुरुआत है। सवाल यह भी है कि आखिर एक फाइटर पायलट के लिए एयरफोर्स छोड़कर कमर्शियल एयरलाइन में पायलट बनना कितना आसान होता है? क्या इसके लिए उसे दोबारा पायलट बनने की ट्रेनिंग लेनी पड़ती है? क्या सेना के सैन्य पायलट सीधे यात्री विमान उड़ा सकते हैं? और अभिनंदन जैसे अनुभवी सैन्य पायलट के लिए नियम क्या कहते हैं? वो 27 फरवरी जब बना था इतिहास। 26 फरवरी को IAF ने बालाकोट में आतंकी ठिकानों पर हमला किया था। अगले दिन जवाब में आए पाकिस्तानी जेट्स से अभिनंदन की डॉगफाइट हुई। अपने पुराने MiG-21 Bison से उन्होंने पाकिस्तानी का महंगा F-16 मार गिराया। इसी दौरान उनका विमान क्रैश हुआ और वो पाकिस्तान की हिरासत में चले गए। Tea is Fantastic और दमदार मूंछों के साथ वो 1 मार्च को भारत लौटे। इसके बाद पूरे देश ने उन्हें हीरो माना।
अभिनंदन वर्धमान का नाम देश के घर-घर में 27 फरवरी 2019 के बाद पहुंचा। इससे एक दिन पहले 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी ठिकानों के खिलाफ हवाई कार्रवाई की थी। 1 मार्च को हुई वतन वापसी। अब 7 साल बाद वही चेहरा फिर चर्चा में है। लेकिन इस बार वर्दी खाकी नहीं, पायलट की सफेद शर्ट है। ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने 31 मार्च 2026 को वायुसेना से VRS ली। 23 साल की सेवा के बाद उन्होंने ये फैसला लिया। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने पिछले साल ही रक्षा मंत्रालय को आवेदन दिया था। नियमों के अनुसार किसी भी सैन्य अधिकारी को सेवानिवृत्ति से 6 महीने पहले NOC लेनी होती है। अभिनंदन को भी रक्षा मंत्रालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिला। इसके बाद उन्होंने DGCA के नियमों के तहत कमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए अप्लाई किया।
Fly91 गोवा बेस्ड एक रीजनल एयरलाइन है। ये UDAN योजना के तहत छोटे शहरों को जोड़ती है। एयरलाइन ने 1 अप्रैल को प्रेस रिलीज जारी कर कहा “हम गर्व से घोषणा करते हैं कि ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान VC हमारे कैप्टन के रूप में जुड़ गए हैं। वो हमारे ATR-72 विमानों को उड़ाएंगे।” अब सवाल उठता है कि एक फाइटर जेट पायलट सीधे यात्री विमान कैसे उड़ा सकता है? क्या ट्रेनिंग नहीं लेनी पड़ती?
नियम ये कहते हैं कि भारतीय वायुसेना, नौसेना और थलसेना के पायलटों के उड़ान घंटे DGCA द्वारा मान्य होते हैं। लेकिन फाइटर और कमर्शियल में फर्क होता है। फाइटर जेट सिंगल पायलट, हाई स्पीड, हथियार, डॉगफाइट के लिए बना है। ATR-72 एक ट्विन टर्बोप्रॉप पैसेंजर विमान है। इसमें 70-72 यात्री, दो पायलट, ऑटोपायलट, अलग सिस्टम होते हैं। इसलिए अभिनंदन को भी “टाइप रेटिंग” लेनी पड़ी। टाइप रेटिंग का मतलब है किसी खास विमान को उड़ाने की ट्रेनिंग और सर्टिफिकेट। अभिनंदन ने जनवरी से मार्च 2026 तक Fly91 के ट्रेनिंग सेंटर में ATR-72 की ग्राउंड ट्रेनिंग और सिम्युलेटर ट्रेनिंग पूरी की। इसके बाद DGCA के एग्जाम दिए। एयरलाइन ट्रांसपोर्ट पायलट लाइसेंस ATPL के नियमों के तहत उन्हें चेक राइड भी पास करनी पड़ी। वायुसेना में 2000+ घंटे उड़ान का अनुभव होने की वजह से उन्हें कुछ छूट मिली, लेकिन पूरी प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।
एक वरिष्ठ IAF अधिकारी ने बताया “अभिनंदन जैसे पायलट के लिए स्विच करना आसान होता है क्योंकि डिसिप्लिन, SOP और इमरजेंसी हैंडलिंग पहले से आती है। लेकिन कमर्शियल एविएशन में पैसेंजर सेफ्टी, CRM यानी क्रू रिसोर्स मैनेजमेंट और सिविल रूल्स अलग होते हैं। इसलिए री-ट्रेनिंग जरूरी है।” अभिनंदन का पहला शेड्यूल गोवा से बेंगलुरु और गोवा से हैदराबाद रूट पर होगा। Fly91 के एक सीनियर पायलट ने कहा “कॉकपिट में उनके साथ बैठना गर्व की बात है। वो बहुत शांत और प्रोफेशनल हैं। ब्रीफिंग में हर छोटी बात नोट करते हैं।” अभिनंदन ने खुद अभी कोई बड़ा बयान नहीं दिया। सूत्रों के अनुसार उन्होंने दोस्तों से कहा “देश सेवा अलग तरीके से भी हो सकती है। अब आसमान वही है, जहाज बदला है।”
27 फरवरी 2019 को क्या हुआ था ये पूरा देश जानता है। बालाकोट स्ट्राइक के अगले दिन पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की। श्रीनगर सेक्टर में उनके MiG-21 Bison ने घुसपैठ कर रहे पाकिस्तानी F-16 को लॉक किया और मार गिराया। इसी दौरान उनका विमान भी PoK में गिर गया। वो पैराशूट से उतरे। स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया। वीडियो वायरल हुआ। “Tea is Fantastic” वाला बयान दुनिया भर में चला। 60 घंटे बाद भारत के कूटनीतिक दबाव में पाकिस्तान को उन्हें छोड़ना पड़ा। वापसी के बाद उन्हें वीर चक्र मिला। प्रमोशन मिला। वो ट्रेनिंग कमांड में इंस्ट्रक्टर भी रहे। पिछले 2 साल से वो दक्षिण कमांड में तैनात थे। अब जब वो कमर्शियल एविएशन में आए हैं तो कई सवाल उठते हैं। पहला सवाल पैसा। वायुसेना में ग्रुप कैप्टन की सैलरी 1.5 से 2 लाख के आसपास होती है। एक कमर्शियल एयरलाइन कैप्टन की सैलरी 4 से 7 लाख तक हो सकती है। दूसरा सवाल लाइफस्टाइल। फाइटर पायलट की ड्यूटी अनिश्चित होती है। कमर्शियल में रूट और शेड्यूल फिक्स।
एविएशन एक्सपर्ट का कहना है कि पिछले 5 साल में 200 से ज्यादा IAF पायलट VRS लेकर एयरलाइंस में गए हैं। इंडिगो, एयर इंडिया, अकासा और Fly91 जैसी एयरलाइंस उन्हें प्राथमिकता देती हैं। कारण साफ है। डिसिप्लिन, कम दुर्घटना दर और इमरजेंसी हैंडलिंग। लेकिन अभिनंदन का केस अलग है। वो सिर्फ पायलट नहीं, एक सिंबल हैं। उनकी मूंछें, उनकी शांति, उनका “I’m sorry I’m not supposed to tell you this” वाला अंदाज लोगों के दिल में है। अब जब वो ATR में अनाउंसमेंट करेंगे “This is your Captain speaking” तो कई यात्री शायद खिड़की से बाहर नहीं, कॉकपिट की तरफ देखेंगे। Fly91 के CEO ने कहा “हमारे लिए ये सिर्फ नियुक्ति नहीं है। ये प्रेरणा है। हमारे यात्रियों को सबसे सुरक्षित हाथों में बिठाने का भरोसा है।”
नियमों की बात करें तो DGCA का नियम 5.2 कहता है कि किसी भी सैन्य पायलट को कमर्शियल लाइसेंस के लिए मेडिकल क्लास-1, ATPL थ्योरी, टाइप रेटिंग और 1500 घंटे में से कम से कम 500 घंटे मल्टी-इंजन के चाहिए। अभिनंदन के पास MiG-21, Su-30 और ट्रेनर विमानों के 2500 घंटे से ज्यादा हैं। इसलिए घंटे की समस्या नहीं थी। उन्हें 6 हफ्ते की कन्वर्जन ट्रेनिंग करनी पड़ी। इसमें वेदर, नेविगेशन, सिविल एयर ट्रैफिक रूल, पैसेंजर ब्रीफिंग सब सिखाया गया। आखिरी दिन चेक कैप्टन के साथ फ्लाइट के बाद उन्हें ATR-72 की टाइप रेटिंग मिली। अब वो 1 अप्रैल से एक्टिव ड्यूटी पर हैं। उनका पहला फ्लाइट क्रू में 3 लोग थे। को-पायलट, केबिन क्रू और एक ग्राउंड इंजीनियर जो उनके साथ IAF में था। देश भर से प्रतिक्रिया आ रही है। ट्विटर पर #CaptainAbhinandan ट्रेंड कर रहा है। कई लोगों ने लिखा “मिग से ATR तक, सफर बदल गया जज्बा वही है।” रक्षा मंत्री ने भी ट्वीट किया “सेना सेवानिवृत्ति अंत नहीं, नई शुरुआत है। अभिनंदन जी को नई पारी के लिए शुभकामनाएं।”अभिनंदन के पिता भी वायुसेना में एयर मार्शल रह चुके हैं। परिवार में ये परंपरा है। उनके फैसले को परिवार का समर्थन मिला।
आगे क्या? Fly91 अगले 6 महीने में 10 नए रूट शुरू करने वाली है। अभिनंदन को ट्रेनर पायलट भी बनाया जा सकता है ताकि वो नए फर्स्ट ऑफिसर को सिखाएं। एक बात तय है। 27 फरवरी को उन्होंने आसमान में देश का मान रखा। अब 35000 फीट पर वो हर उड़ान में सैकड़ों लोगों की जान की जिम्मेदारी लेंगे। मूंछें वही हैं। वर्दी बदली है। जज्बा वही है। अभिनंदन वर्धमान ने साबित किया कि हीरो सिर्फ युद्ध में नहीं, शांति में भी हीरो रहते हैं।