मोदी सरकार की नीतियों का असर: World Bank ने GDP 7.1% किया, SC में भी हुई बड़ी नियुक्तियां
देश के लिए एक साथ दो बड़ी खबरें सामने आई हैं। एक तरफ विश्व बैंक ने भारत की आर्थिक ग्रोथ को लेकर बड़ा पॉजिटिव संकेत दिया है तो दूसरी तरफ सुप्रीम कोर्ट में 3 नए जजों के शपथ लेने के बाद न्यायपालिका और मजबूत हुई है। विश्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान बढ़ाकर 7.1% कर दिया है। वहीं सुप्रीम कोर्ट में आज 3 नए जजों ने शपथ ली जिसके बाद कोर्ट में जजों की कुल संख्या 37 हो गई है।
विश्व बैंक का बड़ा अनुमान
भारत की ग्रोथ 7.1% रहेगी वाशिंगटन में जारी “South Asia Development Update” रिपोर्ट में विश्व बैंक ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहेगा। पहले विश्व बैंक ने भारत की GDP ग्रोथ 6.8% बताई थी। लेकिन घरेलू खपत, निवेश और सरकारी खर्च बढ़ने के कारण अब इसे बढ़ाकर 7.1% कर दिया गया है।रिपोर्ट में कहा गया “भारत में निजी खपत मजबूत है। ग्रामीण मांग बढ़ रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का खर्च और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का प्रदर्शन बेहतर हुआ है।” विश्व बैंक ने ये भी कहा कि महंगाई कंट्रोल में है और रिजर्व बैंक की नीतियां सही दिशा में हैं।इस अनुमान के बाद शेयर बाजार में तेजी दिखी। सेंसेक्स 400 अंक और निफ्टी 120 अंक ऊपर बंद हुआ। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि 7.1% की ग्रोथ का मतलब है कि भारत 2027 तक 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की तरफ तेजी से बढ़ेगा।वित्त मंत्री ने विश्व बैंक के अनुमान पर खुशी जताते हुए कहा “ये मोदी सरकार की नीतियों का नतीजा है। मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और इंफ्रा पर खर्च से ग्रोथ को बल मिला है।”आम आदमी के लिए इसका मतलब है कि नौकरियों के नए अवसर बढ़ेंगे। कंपनियां विस्तार करेंगी और सरकार के पास टैक्स के रूप में ज्यादा पैसा आएगा जिससे स्कूल, अस्पताल और सड़कों पर खर्च बढ़ेगा।
सुप्रीम कोर्ट में 3 नए जज
न्याय में देरी कम होगी| दूसरी बड़ी खबर सुप्रीम कोर्ट से है। आज राष्ट्रपति की मौजूदगी में सुप्रीम कोर्ट के 3 नए जजों ने शपथ ली। इनमें जस्टिस रितु बहरी, जस्टिस सुदर्शन रेड्डी और जस्टिस मनोज मिश्रा शामिल हैं। शपथ ग्रहण समारोह में CJI और कानून मंत्री भी मौजूद थे।
इन 3 नियुक्तियों के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की कुल संख्या 37 हो गई है। संविधान के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में अधिकतम 34 जज हो सकते थे लेकिन 2019 में इसे बढ़ाकर 34 से 34+1 यानी CJI सहित 34 कर दिया गया था। बाद में रिक्त पदों को भरने के लिए 3 और पद बढ़ाए गए। CJI ने कहा “3 नए साथियों के आने से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी। अभी सुप्रीम कोर्ट में 80 हजार से ज्यादा केस पेंडिंग हैं।” नए जजों में जस्टिस रितु बहरी हाईकोर्ट की पहली महिला CJI रह चुकी हैं। जस्टिस रेड्डी संविधान और आपराधिक कानून के विशेषज्ञ माने जाते हैं। जस्टिस मिश्रा को कॉरपोरेट और टैक्स मामलों का लंबा अनुभव है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा “ये नियुक्तियां समय पर हुई हैं। इससे निचली अदालतों पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।”
आर्थिक और न्यायिक दोनों मोर्चे पर मजबूती
विश्व बैंक का GDP अनुमान और सुप्रीम कोर्ट में नई नियुक्तियां दोनों ही देश के लिए अच्छे संकेत हैं। एक तरफ अर्थव्यवस्था तेज गति से दौड़ रही है तो दूसरी तरफ न्याय व्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब अर्थव्यवस्था बढ़ती है तो विवाद भी बढ़ते हैं। ऐसे में मजबूत न्यायपालिका जरूरी है। 37 जजों के साथ सुप्रीम कोर्ट अब ज्यादा बेंच बना सकेगा और जरूरी मामलों की सुनवाई जल्दी हो सकेगी। दूसरी तरफ 7.1% ग्रोथ से भारत, चीन और अमेरिका के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य के करीब पहुंचेगा। IMF ने भी हाल में भारत की ग्रोथ 7% बताई थी। सरकार का फोकस अब अगले 2 साल में इंफ्रास्ट्रक्चर, सेमीकंडक्टर और ग्रीन एनर्जी पर है। विश्व बैंक ने भी कहा कि अगर ये सेक्टर ऐसे ही बढ़ते रहे तो 2028 तक भारत की ग्रोथ 7.3% तक जा सकती है।
आम जनता पर असर
GDP बढ़ने का सीधा असर नौकरियों और सैलरी पर पड़ेगा। IT, बैंकिंग, मैन्युफैक्चरिंग और स्टार्टअप सेक्टर में भर्तियां बढ़ेंगी। महंगाई कंट्रोल में रहने से घर का बजट भी नहीं बिगड़ेगा।
वहीं सुप्रीम कोर्ट में जज बढ़ने से आम आदमी को समय पर न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ी है। जमीन, परिवार और कॉरपोरेट केस जल्दी निपटेंगे। संक्षेप में कहें तो आज का दिन देश के लिए दोहरी उपलब्धि वाला रहा। आर्थिक मोर्चे पर दुनिया ने भारत की तारीफ की और न्यायिक मोर्चे पर देश की सबसे बड़ी अदालत और मजबूत हुई। अब सबकी नजर अगले तिमाही के GDP आंकड़ों और सुप्रीम कोर्ट के नए बेंचों के कामकाज पर होगी।