जनरल मुनीर का खतरनाक प्लान: IMF से कर्ज लेकर चीन से खरीद रहा मिसाइल और ड्रोन
इस्लामाबाद/नई दिल्ली। एक तरफ पाकिस्तान IMF से कर्ज मांग रहा है। आटा-चीनी के लिए लाइनें लगी हैं। डॉलर 300 के पार है। विदेशी मुद्रा भंडार सिर्फ 3 हफ्ते का बचा है। दूसरी तरफ पाकिस्तान की सेना हथियारों की खरीद में अरबों डॉलर पानी की तरह बहा रही है। मिसाइल, ड्रोन, फाइटर जेट, रडार… सब कुछ। इस सबके पीछे पाकिस्तान आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर का “नया सैन्य सिद्धांत” बताया जा रहा है। मुनीर प्लान का मकसद साफ है – भारत से किसी भी सूरत में सैन्य गैप कम करना। चाहे देश भूखा मर जाए। पाकिस्तान के रक्षा बजट में पिछले 2 साल में 45% की बढ़ोतरी हुई है। जबकि शिक्षा और स्वास्थ्य का बजट घटा दिया गया है। सवाल ये है कि दिवालिया होने की कगार पर खड़ा पाकिस्तान इतना पैसा ला कहां से रहा है? और मुनीर प्लान असल में है क्या?
पाकिस्तान की आर्थिक हालत और हथियारों की खरीद में विरोधाभास
2024-25 में पाकिस्तान की GDP ग्रोथ 2.1% रही। महंगाई 28%। 4 करोड़ लोग गरीबी रेखा से नीचे चले गए। IMF ने 7 अरब डॉलर का बेलआउट पैकेज दिया है। शर्त थी कि फिजूल खर्चे बंद करो। लेकिन इसी बीच पाकिस्तान ने चीन से 8 सबमरीन का सौदा किया – 5 अरब डॉलर। तुर्की से 30 ATAK हेलीकॉप्टर – 1.5 अरब डॉलर। चीन से HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम – 2 अरब डॉलर। और अब ड्रोन की बाढ़। रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि पाकिस्तान का कुल कर्ज 130 अरब डॉलर हो चुका है। ब्याज देने के लिए ही नया कर्ज लेना पड़ रहा है। इसके बावजूद सेना का बजट 18 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। ये पाकिस्तान के कुल सरकारी खर्च का 22% है। पूर्व पाकिस्तानी वित्त मंत्री मिफ्ताह इस्माइल ने कहा था “हम हथियार खरीदने के लिए बच्चों का दूध बेच रहे हैं।”
जनरल मुनीर प्लान क्या है, भारत को कैसे टारगेट कर रहा पाकिस्तान
जनरल असीम मुनीर फरवरी 2023 में आर्मी चीफ बने। उनके आते ही सेना की रणनीति बदली। इसे अंदर “मुनीर प्लान” कहा जाता है। इस प्लान के 4 पिलर हैं।
पहला पिलर: मिसाइल गैप कम करना
भारत के पास ब्रह्मोस, अग्नि, पृथ्वी जैसी मिसाइलें हैं। जवाब में पाकिस्तान ने शाहीन-3, गजनवी, अब्दाली का रेंज और एक्यूरेसी बढ़ाई। चीन से मदद लेकर MIRV तकनीक वाली अबाबील मिसाइल का टेस्ट किया। दावा है कि एक मिसाइल से 3-4 परमाणु वारहेड गिराए जा सकते हैं।
पाकिस्तान अब “टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन” यानी छोटे परमाणु बम पर जोर दे रहा है। Nasr मिसाइल इसी के लिए है। मुनीर की सोच है कि अगर भारत सर्जिकल स्ट्राइक करे तो सीमा पर ही छोटा परमाणु बम चला दो। इससे भारत का बड़ा हमला रुक जाएगा।
दूसरा पिलर: ड्रोन वारफेयर
2023 के बाद पाकिस्तान ने ड्रोन खरीद में रिकॉर्ड तोड़ दिया। चीन से Wing Loong-2, तुर्की से Bayraktar TB2। इसके अलावा ईरान से शहीद-136 जैसे कामिकाजे ड्रोन की टेक्नोलॉजी ली।
LOC पर ड्रोन से हथियार गिराना, जासूसी करना रोज का काम हो गया है। पंजाब और राजस्थान में ड्रोन घुसपैठ 300% बढ़ी है। मुनीर प्लान का हिस्सा है “सस्ते ड्रोन से महंगे भारतीय एयर डिफेंस को थकाना।”
तीसरा पिलर: नौसेना और पनडुब्बी
ग्वादर बंदरगाह को चीन के हवाले करने के बाद पाकिस्तान ने नौसेना पर फोकस किया। मकसद भारत के पश्चिमी तट को टारगेट करना। चीन से 8 Yuan-class सबमरीन आ रही हैं। इनमें से 4 में एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन लगा होगा। यानी हफ्तों तक पानी के अंदर रह सकती हैं।
साथ में तुर्की से मिलजेम कॉर्वेट और चीन से Type 054A फ्रिगेट। मुनीर का प्लान है कि युद्ध की स्थिति में कराची बंदरगाह से निकलकर भारतीय शिपिंग लाइनों को निशाना बनाया जाए।
चौथा पिलर: साइबर और प्रोपेगैंडा वार
पाकिस्तान ने “ISPR 2.0” बनाया है। इसमें हजारों सोशल मीडिया अकाउंट, AI से फेक वीडियो और साइबर अटैक टीम है। मकसद भारत में सांप्रदायिक तनाव, फेक न्यूज और सेना का मनोबल तोड़ना।
भारत के लिए क्या खतरा है, सेना की तैयारी
भारत की खुफिया एजेंसियों ने मुनीर प्लान को “असममित युद्ध” का नाम दिया है। यानी सीधी लड़ाई नहीं, बल्कि ड्रोन, मिसाइल, साइबर और आतंक से थकाना।
भारत ने जवाब में 3 कदम उठाए हैं।
पहला: सीमा पर Anti-Drone System की तैनाती। पंजाब में 500 से ज्यादा Drone Jammers लगे हैं।
दूसरा: मिसाइल डिफेंस। S-400 के अलावा स्वदेशी आकाश और QRSAM सिस्टम।
तीसरा: नौसेना को मजबूत करना। INS विक्रांत, न्यूक्लियर सबमरीन और ब्रह्मोस से लैस जहाज।
सेना प्रमुख ने कहा है “हम किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देंगे। पाकिस्तान की आर्थिक हालत हमें डराने के लिए काफी नहीं है।”
पाकिस्तान के अंदर क्या हो रहा है, जनता का गुस्सा
इस्लामाबाद, लाहौर और कराची में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं “रोटी नहीं, हथियार क्यों?” सोशल मीडिया पर #FoodNotMissile ट्रेंड कर रहा है। पत्रकार हामिद मीर ने कहा “जनरल मुनीर भारत से नहीं, भूख से लड़ें।” सेना का जवाब है “भारत 5 ट्रिलियन की इकॉनमी है। हम कमजोर पड़ेंगे तो देश बचेगा नहीं।” लेकिन सच ये है कि पाकिस्तान में अब सेना और जनता के बीच खाई बढ़ रही है। इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद से ये और गहरी हुई है।
एक्सपर्ट क्या कह रहे हैं, आगे क्या होगा
रक्षा विशेषज्ञ ब्रह्मा चेलानी कहते हैं “पाकिस्तान भारत से हथियारों की रेस नहीं जीत सकता। इसलिए वो असममित युद्ध और न्यूक्लियर ब्लैकमेल करेगा। मुनीर प्लान इसी का नाम है।” पूर्व RAW चीफ विक्रम सूद कहते हैं “पाकिस्तान का मकसद जीतना नहीं, भारत को नुकसान पहुंचाना है। सस्ते ड्रोन से महंगे शहरों को टारगेट करना।” चीन की भूमिका सबसे अहम है। चीन नहीं चाहता कि पाकिस्तान पूरी तरह टूटे। क्योंकि CPEC और ग्वादर चीन के लिए जरूरी है। इसलिए वो हथियार दे रहा है। अमेरिका चुप है। क्योंकि उसे अफगानिस्तान के बाद पाकिस्तान की जरूरत है।
पाकिस्तान की हालत “कंगाल लेकिन खतरनाक” वाली हो गई है। जेब में पैसा नहीं, लेकिन बंदूक जरूर है। जनरल मुनीर का प्लान साफ है – इकॉनमी भले गिर जाए, सेना कमजोर नहीं होनी चाहिए। भारत के लिए चुनौती ये है कि एक दिवालिया देश कितना खतरनाक हो सकता है। क्योंकि जिसके पास खोने को कुछ नहीं, वो कुछ भी कर सकता है।भारत को सीमा पर सतर्कता के साथ-साथ कूटनीतिक मोर्चे पर भी काम करना होगा। ताकि पाकिस्तान को हथियार देने वाले देशों पर दबाव बने। आखिर में सच यही है। पाकिस्तान अगर शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर पैसा लगाता तो शायद भारत से मुकाबला कर पाता। लेकिन वो मिसाइल और ड्रोन खरीद रहा है। और देश को 1947 में वापस ले जा रहा है।